उड़ते हुए गंगा घाट पर आया था इसी थर्माकोल से बंधा गुब्बारे का गुच्छा
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यूपी के भदोही जिले में गुरुवार दोपहर बाद गंगा घाट के किनारे कहीं से उड़ता हुआ गुब्बारों का एक गुच्छा गिरा। वहां मौजूद बच्चे गुब्बारों के लिए छीना झपटी करने लगे। इस दौरान धमाके के साथ गुब्बारे फटने लगे। गुब्बारों की आग से पांच बच्चे घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर है।
गुच्छे में तकरीबन 150 गुब्बारे थे। घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। भदोही के कोइरौना थाना क्षेत्र के मवैया थानसिंह गंगा घाट पर यह घटना घटी।
गुब्बारे ‘यू’ आकार के एक थर्माकोल से बंधे थे। उस पर अंग्रेजी में एनुअल एथलेटिक्स-2017-18 शुआट्स लिखा था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये गुब्बारे किसी खेल प्रतियोगिता में छोड़े गए होंगे।
लखनपुर बदरांव गांव निवासी एक वृद्ध के निधन के बाद मवैयाथान सिंह गंगा घाट पर दाह संस्कार चल रहा था। संस्कार में शामिल होने के लिए गांव के कुछ बच्चे और किशोर भी घाट पर गए थे। इसी बीच एक गुब्बारों का गुच्छा उड़ते हुए आया और घाट पर गिरकर झाड़ी में फंस गया।
गुब्बारे फटने से बच्चे झुलसे, एक गंभीर
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झाड़ी में इतने सारे रंग-बिरंगे गुब्बारे देख बच्चे दौड़ पड़े और गुब्बारों के लिए छीना झपटी करने लगे। इसी दौरान गुब्बारे फूट गए, जिससे सचिन पाल (15), साहिल भारतीय (10), फली भारतीय (14), बबुआन भारतीय (10) और कुलदीप भारतीय (14) झुलस गए और चीखने-चिल्लाने लगे।
घायल बच्चों ने बताया कि गुब्बारों के फटने से आग की लपटें निकलीं, जिसकी चपेट में आने से वे झुलस गए। साहिल की हालत गंभीर है। ग्रामीणों ने बताया कि फटे गुब्बारों के पास एक टूटा थर्माकोल पड़ा था, मिला जिसमें गुब्बारे बांधे गए थे। उस पर अंग्रेजी में एनुअल एथलेटिक्स-2017-18 शुआट्स लिखा था।
केएनपीजी कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार वर्मा ने कहा कि कभी-कभी गुब्बारों में ऑक्सीजन और एसिटिलीन गैसें भर दी जाती हैं। ये दोनों गैसें शीघ्र ज्वलनशील होती हैं। थोड़ी उष्मा मिलने पर आग लग सकती है। हाइड्रोजन, हीलियम और नाइट्रोजन गैसों से आग लगने का खतरा नहीं रहता। हो सकता है कि उन गुब्बारों में एसिटिलीन या ऑक्सीजन गैस भरी रही हो।