मैदागिन से चौक और गोदौलिया मार्ग को नो व्हीकल जोन किया गया है। गाड़ियां देर रात में आवाजाही कर रही हैं। सावन के अंतिम सोमवार को देखते हुए भीड़ बढ़ रही है। अयोध्या और प्रयागराज से श्रद्धालु सीधे श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन को काशी पहुंच रहे हैं। पहले गंगा घाटों का जलस्तर कम था तो भीड़ बंट जाती थी, लेकिन इन दिनों बाढ़ से गंगा घाटों का संपर्क मार्ग टूट चुका है। पहले श्रद्धालु अस्सी घाट या राजघाट पहुंचते थे तो घाट किनारे होकर वह गंगा द्वार से सीधे धाम में प्रवेश करते थे। दर्शन के बाद अधिकतर श्रद्धालु गंगा द्वार से निकलकर गंगा घाटों से अपने गंतव्य को जाते थे। घाटों का संपर्क टूटने के कारण गलियों में भीड़ बढ़ गई है।
रोज से दो-ढाई लाख श्रद्धालुओं की गलियों से आवाजाही
हर दिन दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं की भीड़ सिर्फ काशी जोन में उमड़ रही है। राजघाट, भदऊं चुंगी, विशेश्वरगंज, मच्छोदरी से लगायत मैदागिन और उधर, अस्सी से सोनारपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक, बांसफाटक समेत आसपास की गलियों और घाट किनारे की गलियों के रास्ते ही श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। गंगा द्वार बंद होने से गलियों का दबाव 100 प्रतिशत बढ़ गया है।
पैदल से लेकर दोपहिया, ऑटो, रिक्शा समेत कार के दबाव से लहुराबीर-चेतगंज-नई सड़क, रथयात्रा-लक्सा मार्ग और सोनारपुरा-जंगमबाड़ी मठ मार्ग, रेवड़ी तालाब-गिरजाघर चौराहा मार्ग हर समय जाम की चपेट में है। शनिवार, रविवार और सोमवार को तो गलियों की स्थिति कष्टकारी होती है। घरों में रहने वाले लोगों को भी बाहर आवाजाही के लिए सोचना पड़ता है। उनकी गाड़ियां तक गेट से बाहर नहीं निकल पाती है। चौक, गौदोलिया, दशाश्वमेध, बांसफाटक और मैदागिन क्षेत्र के रहने वालों को काफी परेशानियां होती हैं।
अधिकारी बोले
शनिवार की रात से लेकर मंगलवार सुबह तक यातायात डायवर्जन लागू है। संबंधित थाने और टीआई से यातायात व्यवस्था की निगरानी कराई जा रही है। - अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी यातायात