बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका घाट के समीप स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर तथा बालाजी घाट के अधिकांश छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब चुके हैं। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल से पानी की दूरी अब लगभग 10 फीट रह गई है। ऐसे में प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो शवदाह स्थल को ऊंचाई वाले स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
दशाश्वमेध और राजेंद्र प्रसाद घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को लेकर भी प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जल पुलिस तथा एनडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से घाटों पर सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से गंगा किनारे न जाने की अपील की है।