दशाश्वमेध घाट पर शनिवार शाम आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नए स्थान पर आरती की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुए। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पानी के करीब नहीं जाने की सलाह भी दी गई।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से काशी के 84 घाटों की स्थिति भी बदल रही है। कई घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं और निचले हिस्सों में जलभराव होने लगा है। कुछ घाटों के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं।
गंगा सेवा निधि की ओर से भी जलस्तर को देखते हुए आरती स्थल की निगरानी की जा रही है। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आरती स्थल को फिर पीछे किया जाएगा।