प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों के बारे में जानकर अधिक से अधिक लोग प्रेरित हो सकें, इसके लिए काशी में राम के नाम पर पहले वर्चुअल स्कूल का बृहस्पतिवार को शुभारंभ हुआ। स्कूल ऑफ राम के माध्यम से लोगों को प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों के बारे में बताया जाएगा। उनके संदेशों को पोस्टर, वीडियो, शॉर्ट फिल्म, ग्राफिक्स की सहायता के प्रचारित-प्रसारित किया जाएगा।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला ने उद्घाटन समारोह में कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय समाज के आदर्श हैं। उनके व्यक्तित्व को सबके सामने लाया जा सके, यह सोचना भी रामकृपा ही है। प्रो. शुक्ला ने कहा कि राम भारत की आन-बान और शान हैं। भारत की जो अनादि सांस्कृतिक धारा है, उसमें भी सर्वत्र राम ही हैं।
विश्व के सभी धर्मों के अनुयायी राम जी को आदर्श पूर्वज मानते हैं। इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम देश में इस्लाम को मानने वाले लोग भी रामकथा का वाचन करते हैं। नेशनल यूथ अवार्डी डॉ. रामदयाल सैन ने भी जानकारी दी। विद्या भारती संस्थान जयपुर के प्रांत मंत्री सुरेश ने अतिथियों का स्वागत किया।
स्कूल आफ राम के संयोजक और बीएचयू छात्र प्रिंस तिवाड़ी ने बताया कि स्कूल ऑफ राम के माध्यम से भगवान राम के जीवन आदर्शों को जन-जन तक लेकर जाएंगे। कार्यक्रम में विद्या भारती हरियाणा के प्रांत संगठन मंत्री रवि कुमार, अवनीश भटनागर के साथ ही डॉ. अशोक सोनकर आदि लोग शामिल हुए।