बीएचयू में अंबेडकर लेक्चर सीरीज के तहत पहला विशेष अभिभाषण हुआ। बृहस्पतिवार को संबोधि सभागार में पीएम फेलो डॉ. सज्जन कुमार ने संत रविदास के विचार और संदेश को छात्रों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि जातीय संदर्भ में सामाजिक न्याय की स्थापना में न केवल गांधी और अंबेडकर बल्कि डॉ. जगजीवन राम और काशीराम का भी योगदान है। भारतीय लोकतंत्र में युवा पीढ़ी के वैचारिक विभेद को धीरे धीरे कम करती नजर आ रही है और मुद्दा आधारित वैचारिकी को अपनाती। सामाजिक न्याय के संदर्भ में गांधी और अंबेडकर दोनों के विचार प्रासंगिक हैं और उनको एक दूसरे के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए। मालवीय रिसर्च सेंटर के समन्वयक प्रो. मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि बहिष्कृत हितकारिणी सभा दलितों में शिक्षा का प्रसार और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाती रही है।