बखरिया के लोगों का कहना था कि दिनेश शर्मा ने सोमवार को ही ससुर राजेश सिंह को धमकाया था। कहा था कि पैसा नहीं दिया तो गोली मार दूंगा। मनमुटाव इतना बढ़ गया था कि गोली चलने की नौबत आनी ही थी, लेकिन राजेश इसे गंभीरता से नहीं ले रहा था। अब बेटे के साथ दामाद की भी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दिनेश अपने साले को गोली मारने के इरादे से नहीं आया था। उसकी ससुर से ही कहासुनी चल रही थी। इसी बीच गोपाल आ गया और उसने फायरिंग झोंक दी।
दामाद दिनेश शर्मा को मालूम था कि ससुर राजेश सिंह के पास भी लाइसेंसी राइफल है। इसलिए वह सिंगल बैरल पंप गन लेकर आया था। झगड़े के बीच ससुर को लाइसेंसी राइफल निकालने मौका तक नहीं मिला और उसके सामने ही बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
लोहता थाने के पुलिसकर्मियों के अनुसार दोपहर डेढ़ बजे राजेश सिंह तहरीर लेकर आया और कहा कि उनके दामाद ने बेटे गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। इस बीच उन्हें बताया गया कि दामाद ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह सुनते ही वह कुछ देर के लिए स्तब्ध हो गए। आंखें नीचे करते हुए कुर्सी पर जा बैठे। फिर एक युवक के साथ वह थाने से निकल गया। दरअसल, ससुर राजेश सिंह को मालूम नहीं था कि बनकट गांव में उनके दामाद ने भी खुद को गोली मार ली है।
परिजनों के अनुसार, संजू को पता नहीं था कि सुबह उसके पति दिनेश ने भाई गोपाल को गोली मार दी, फिर खुद आत्महत्या कर ली। इस बीच मिर्जापुर स्थित ससुराल से कुछ लोग मुढै़ला आए और संजू से कहा कि दिनेश घायल हो गया। अस्पताल में भर्ती है। उसे साथ लेकर मिर्जापुर चले गए।।वहां पहुंचने के बाद उसे दिनेश के मौत की जानकारी दी गई।
उधर, राजेश सिंह के मकान में सिर्फ गोपाल की पत्नी प्रिया सिंह और उसका बेटा अनंत और अन्यया ही रहीं। डीसीपी अमित कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने बेटे अनंत से घटना के बारे में जानकारी ली। अनंत ने बताया कि फूफा असलहा लेकर आए थे और दादा को मारने लगे। पापा गोपाल बीच बचाव करने पहुंचे तो फूफा ने पापा को गोली मार दी। फूफा आए दिन दादा से पैसा मांगने आते थे। पत्नी प्रिया सिंह घटना के बाद से ही बेसुध हो गईं। डीसीपी अमित कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
विवाद व गोली की घटना सीसी कैमरे में भी कैद है। बताया जा रहा है कि राजेश के घर पर कैमरा लगा है। सब कुछ इसमें कैद है। सीसी कैमरे की फुटेज पुलिस साथ लेकर गई है।