वाराणसी में आग की घटना
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लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह आठ बजे आग पर काबू पाया गया। आरा मशीन के मालिक ओम यादव ने बताया कि आग लगने के कारण लकड़ियां, मशीनें और फर्नीचर जलकर गए हैं। इसके चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, टायर गोदाम के कर्मचारी आग लगने के संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर दिए। वहीं, आग लगने के कारण टायर गोदाम में खड़ा मच्छोदरी निवासी सुरेश यादव का पिकअप, ई-रिक्शॉ और ट्रॉली भी जल गई।
टायर गोदाम और आरा मशीन के समीप ही पेट्रोल पंप भी है। आग लगभग पांच बिस्वा क्षेत्र में फैली थी। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम तेजी से शुरू किया। आग बुझाने के दौरान मौके पर मौजूद लोग और दमकल कर्मी उस समय घबराए प्रतीत हुए, जब लपटों का रुख बगल में स्थित पेट्रोल पंप की ओर हुआ। आनन-फानन पेट्रोल पंप बंद कर कर्मचारी बाहर आ गए। दमकल कर्मियों के जवानों ने जैसे-तैसे आरा मशीन से पेट्रोल पंप की ओर बढ़ रही आग को रोका। यदि आग पेट्रोल पंप तक पहुंच जाती तो बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था।
कज्जाकपुरा से भदऊंचुंगी के बीच दर्जनों आरा मशीन और व्यावसायिक गोदाम हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि इनमें से कई ऐसे हैं जो अग्निशमन विभाग को मानकों को पूरा किए बगैर ही संचालित किए जा रहे हैं। इस मामले में आदमपुर थाने की पुलिस भी चुप्पी साधे रहती है और अग्निशमन विभाग का रुख भी गंभीर नहीं दिखाई देता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग को अभियान चलाकर प्रत्येक आरा मशीन और गोदाम में आग से सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराना चाहिए।