उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सोनभद्र के अनपरा डी तापीय परियोजना की सातवीं इकाई के टरबाइन जनरेटर में बुधवार दोपहर सवा दो बजे आग लगने से चार सहायक अभियंता झुलस गए। इसके चलते परियोजना की 500-500 मेगावाट की छठवीं और सातवीं इकाई से उत्पादन ठप हो गया। घटना में करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।
विज्ञापन
अनपरा डी परियोजना की सातवीं इकाई के टरबाइन जनरेटर में बुधवार दोपहर तेज आवाज के साथ आग लग गई। देखते-देखते आग ने टरबाइन जनरेटर को पूरी तरह चपेट में ले लिया। इसी दौरान पहुंचे सहायक अभियंता अरविंद सिंह, वरुण गौतम, अशोक पाल, जयंत तिवारी आग की चपेट में आकर झुलस गए। इन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
विज्ञापन
अनपरा तापीय परियोजना और लैंको तापीय परियोजना के दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। घटना के कारण अनपरा डी की 500-500 मेगावाट की छठवीं और सातवीं इकाइयां ट्रिप हो गई। इससे परियोजना का उत्पादन शून्य हो गया। घटना से मशीन को क्षति पहुंची है। इस कारण सातवीं इकाई चालू होने में कम से कम छह माह लग सकते हैं।
उधर, झुलसे चारों सहायक अभियंताओं को अनपरा तापीय परियोजना के अस्पताल से वाराणसी रेफर कर दिया गया। अनपरा तापीय परियोजना के सीजीएम हीरामन प्रसाद सिंह कहना है कि घटना के कारणों के बारे में पता लगाया जा रहा है।