यूपी के चंदौली में पंडित कमलापति त्रिपाठी स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर स्थित गैंगेस्टर व एससी/एसटी कोर्ट के कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार की रात आग लग गई। इसमें गैंगेस्टर की दो व एससी/एसटी की दो आलमारियों में रखी सैकड़ों फाइलें जल कर राख हो गई। गुरुवार की सुबह जब इसकी जानकारी हुई तो प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
घटना स्थल पर न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहुंच फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया। साथ ही फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल कर नमूने एकत्र कर आगे की कार्रवाई में जुट गई। फिलहाल घटना के बाद ड्यूटी पर लगे दो सिपाहियों एसपी ने निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एडीजे एफटीसी व एडीजे स्पेशल कोर्ट संचालित होती है। इसी में दोनों कोर्ट के कार्यालय स्थापित है। जहां एससी/ एसटी, गैंगेस्टर, हत्या व नक्सलियों के मुकदमों से संबंधित फाइलें आलमारियों में रखी गई थी।
फोरेंसिक टीम ने जांच की
घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : amar ujala
बुधवार की रात अचानक आलमारियों में आग लग गई। इस दौरान चार आलमारियों में रखे मुकदमों से जुड़ी सैकड़ों फाइलें जलकर राख हो गई। सुबह आसपास के लोगों ने कोर्ट से धुंआ निकलता देख इसकी जानकारी पुलिस को दी।
सूचना पर फायर बिग्रेड की टीम और न्यायिक कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। साथ ही घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। तब तक आलमारियों में रखी सैकड़ों फाइल राख में तब्दील हो चुकी थी।
आनन-फानन में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, एएसपी देवेंद्रनाथ, सदर एसडीएम आशीष सिंह, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल आदि मौके पर पहुंच गए। एसपी के निर्देश पर फोरेंसिक टीम व क्राइम ब्रांच की टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
पहले भी लग चुकी है आग
मौके पर लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा एडीजे राजेश कुमार राय, एडीजे स्पेशल राजेंद्र सिंह, सीजेएम त्रिपुरारी मिश्रा समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लिया। न्यायिक अधिकारियों ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।
फिलहाल एसपी संतोष कुमार सिंह ने कोर्ट सुरक्षा में ड्यूटीरत पुलिस कर्मी गुलाब, पवन निलंबित कर दिया। वहीं चौकीदार को पूछताछ के लिए पुलिस कोतवाली ले आई और आगे की कार्रवाई में जुट गई।
जांच के दौरान गुरुवार को मुख्यालय स्थित कोर्ट कक्ष में लगी खिड़की की एक छड़ टूटी मिली। इससे संदिग्ध मानकर फोरेंसिक व क्राइम ब्रांच के सदस्यों ने उसकी नापी की। साथ ही अन्य फाइलों के राख नमूने के लिए और उसे जांच के लिए लैब भेजा दिया।
बता दें कि मुख्यालय के पंडित कमलापति त्रिपाठी स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में स्थित कोर्ट में दो बार पहले भी आग लग चुकी थी। सबसे पहले सेना भर्ती के दौरान वर्ष 2009 में उक्त कोर्ट में आग लगी थी। वहीं दूसरी बार 19 अप्रैल 2018 को पॉलीटेक्निक कालेज की छात्रा के मौत के बाद भी आग लगी थी।