जांच के दौरान पुलिस को 10 संदिग्ध आईएमईआई नंबर मिले। इनमें से एक आईएमईआई नंबर की समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर पता चला कि उससे संबंधित साइबर धोखाधड़ी की पहले से दो शिकायतें दर्ज हैं। पहली शिकायत आईमान रऊफ ने 15,500 रुपये और दूसरी शिकायत वैभव गुप्ता ने 20,000 रुपये की ठगी को लेकर दर्ज कराई थी। इस तरह कुल 35,500 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
पुलिस ने मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सर्विलांस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल की लोकेशन चंदौली के धानापुर क्षेत्र में मिलने पर पुलिस ने आसिफ खान को हिरासत में लिया। उसके पास से संबंधित मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में आसिफ ने बताया कि उसने यह फोन अपने पड़ोसी फैसल से खरीदा था।
फैसल ने पुलिस को बताया कि उसने यह मोबाइल भेलूपुर स्थित 'मिलन एंटरप्राइजेज' से खरीदा था। उसने मोबाइल का बिल और बॉक्स भी पुलिस को सौंप दिया। दुकान संचालक नवीन गुप्ता ने बताया कि यह फोन 17 जून 2026 को इश्तेयाक ने खरीदा था और खरीदारी के दौरान आधार कार्ड की प्रति भी जमा कराई थी। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।