बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग के प्रो. आनंद चौधरी के खिलाफ शनिवार को लंका थाने में एक पूर्व छात्रा के साथ छेड़खानी, यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उधर, प्रोफेसर ने अपने खिलाफ साजिश बताया है।
प्रो. आनंद चौधरी पर आरोप लगाने वाली छात्रा ने विश्वविद्यालय आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग से 2014 से 2017 तक शोध कार्य किया। लंका थाने में दी गई तहरीर में पूर्व छात्रा ने कहा है कि प्रो. चौधरी द्वारा चरित्र को लेकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही और लोगों के सामने भी बातें की जा रही हैं।
समय-समय पर शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित करने की धमकी दी गई और यहां तक कि शोध से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर भी नहीं हो पाया। इधर, मामले में लंका थाने में प्रोफेसर पर छेड़खानी, यौन उत्पीड़न सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
छात्रा ने 27 अप्रैल 2018 को बीएचयू प्रशासन में शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 22 नवंबर को छात्रा ने प्रोफेसर के खिलाफ लंका थाने में तहरीर दी थी।