वाराणसी। विदेश में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर गुलाब साहनी से एक लाख की ठगी की गई है। चार आरोपियों के खिलाफ रामनगर थाने में शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर धोखाधड़ी, रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। पीड़ित गुलाब साहनी ने पुलिस को बताया कि पिछले साल मई में उनकी मुलाकात दिल्ली निवासी नितिन अरोरा से हुई थी। नितिन ने खुद को विदेश में नौकरी और कार्य वीजा दिलाने वाला एजेंट बताया। 3 मई को दिल्ली में नितिन और उसके भाई अमित अरोरा ने एक साइबर दुकान से डिजिटल माध्यम से 10000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। 19 जून 2025 को 50,000 रुपये नकद लिए गए। आरोपियों ने 25 जून 2025 को दुबई की उड़ान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उसे पर्यटक वीजा पर दुबई भेजा जाएगा, जहां उनका एजेंट उसे लिबिया का कार्य वीजा दिलवाएगा। मेरे भाई के जरिये आरोपियों के खाते में आगे का भुगतान भी किया। दुबई पहुंचे तो आरोपियों के बताए होटल में कोई बुकिंग नहीं मिली। बाउचर पूरी तरह फर्जी था। वहां नितिन अरोरा का एजेंट सिराजुद्दीन मिला, जिसने एक श्रमिक शिविर में रखा। काफी दिनों तक न नौकरी मिली और न कार्य वीजा, उल्टा एजेंट ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया। पुलिस में जाने की चेतावनी के बाद ही पासपोर्ट वापस मिला। भारत लौटने के बाद आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। रामनगर इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपियों में नितिन अरोरा, अमित अरोरा, रमन कुमार और सिराजुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।