जितेंद्र के भाई धर्मेंद्र यादव ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि रोहनिया थाना क्षेत्र के हाइवे अस्पताल में जितेंद्र काम करता था, जहां डॉ. राजेश मीणा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं देते थे। कार्यस्थल का यह संपर्क प्रगाढ़ता में बदल गया। जितेंद्र के हाथ में डॉ. राजेश मीणा के कुछ आपत्तिजनक वीडियो हाथ में लग गए। इन्हीं आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त करने और उन्हें नष्ट करने का दबाव डॉ. राजेश मीणा ने बनाया।
योजना के तहत जितेंद्र को रास्ते से हटाने की मंशा से 30 जुलाई 2019 को पिकनिक के बहाने अहरौरा डैम में जितेंद्र को खूब शराब पिलाई गई और डैम में फेंक दिया गया, जिससे जितेंद्र की मौत हो गई। एक मई 2025 को डाॅ. मीणा ने जान से मारने की धमकी दी। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए विवेचना की जा रही है।