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करदाताओं को बनाए दोस्त, नई तकनीक से जीतें भरोसा

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वाराणसी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अधिकारियों को करदाताओं का भरोसा जीतने के साथ ही कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। होटल ताज के दरबार हाल में आयकर, सेंट्रल जीएसटी अधिकारियों के साथ संवाद में वित्तमंत्री ने कहा कि कर भुगतान को लेकर अगर कोई नोटिस घर चली जाती है तो लोग डर जाते है लेकिन ऐसा नहीं है। करदाताओं के दिलोदिमाग से इसी डर को निकालना होगा। ऐसा तभी होगा जब हम उनके साथ मित्रवत व्यवहार करेंगे।
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अधिकारियों के साथ करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले संवाद में निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो लोग टैक्स देने से कतराते हैं या फिर उनके अंदर कोई डर है, उसे दूर करना होगा। लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक तो हुए हैं लेकिन अभी भी कुछ अभाव है। कर प्रणाली के सरलीकरण के बारे में वित्तमंत्री ने कहा कि अब सूचनाओं का अदान प्रदान हो या फिर भुगतान की व्यवस्था, यह सब पारदर्शी हो गयी है। इसमें अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। करदाताओं के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करने की जरूरत है, उनका विश्वास भी जीतना होगा। करदाताओं को पहले कार्यालय तक भागदौड़ करनी पड़ती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। घर बैठे ही लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। पहले कर भुगतान करने में देरी, लापरवाही की जो शिकायतें आती थी, उसमें भी अब कमी आयी है। अलग-अलग साफ्टवेयर आ गए हैं, जिससे कोई भी कहीं से ही भुगतान कर रहा है, यहीं वजह है कि गड़बडि़यां भी कम हो रही हैं।
यह चिंता का विषय है कि छोटी-छोटी सी गड़बडि़यों की वजह से हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहे हैं। इसमें सरकार का धन भी खर्च हो रहा है। इससे बचना जरूरी है। केंद्रीय राजस्व सचिव डॉक्टर अजय पांडे ने कहा कि करदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से देश के अलग-अलग हिस्से में बैठक, सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में पहला प्रोग्राम गुजरात में हो चुका है। उन्होंने कर भुगतान की प्रणाली को पारदर्शी बनाने का आह्वान किया। कहा कि अब प्रक्रिया इतनी पारदर्शी हो गयी है कि रिटर्न फाइल करने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ रही है। आनलाइन रिटर्न, रिफंड लेने में बिना किसी परेशानी के काम हो जा रहा है। सीधे रिफंड ट्रांसफर खाते में जा रहा है। बताया कि ऑनलाइन सिस्टम में भारत अन्य देशों की तुलना में बहुत आगे हैं। इसमें आयकर, जीएसटी के अधिकारियों की अहम भूमिका है। देश में अब सात करोड़ लोग रिटर्न फाइल कर रहे हैं।
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अधिकारियों ने गिनायी उपलब्धियां
वित्तमंत्री की मौजूदगी में अधिकारियों ने आयकर, जीएसटी से जुड़ी उपलब्धियों को पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त यूपी ईस्ट प्रवीण कुमार, प्रधान आयकर आयुक्त यूपी वेस्ट पीके गुप्ता ने समय के साथ-साथ आयकर भुगतान के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ने और इस क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को लेकर अब तक किए गए काम के बारे में बताया। वस्तु एवं सेवा कर से प्रधान मुख्य आयुक्त राजीव टण्डन और अध्यक्ष केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड पीके दास ने भी कर प्रणाली को लेकर अपनी बात वित्तमंत्री के सामने रखी।
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वित्तमंत्री के संवाद की कुछ अहम बातें
0 करदाताओं के मन में विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
0 टेक्नोलॉजी असेसमेंट को आगे बढ़ाना है।
0 तकनीक को पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
0 सबका विश्वास (विरासत विवाद समाधान) योजना के बारे में लोगों को बताया जाए।
0 करदाता ई सहयोग अभियान के बारे में अधिकारियों ने अब तक की प्रगति रिपोर्ट रखी।
0 डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में निर्धारित लक्ष्य 15.3 प्रतिशत से अधिक की प्राप्ति पर अधिकारियों को बधाई दी।
0 अब किसी भी नोटिस की सत्यता के बारे में आनलाइन जानकारी ली जा सकती है।
0 स्कूटनी का नोटिस मिलने के बाद घबराने की जरूरत नहीं है, इसका निस्तारण कहीं से भी हो सकेगा।
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जीएसटी संपर्क एप की लांचिंग
वित्तमंत्री ने संवाद के दौरान मोबाइल एप-जीएसटी संपर्क को लांच किया। इस एप के माध्यम से कोई भी जीएसटी से जुड़ी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही जीएसटी से जुड़ी समस्या का समाधान भी एप के माध्यम से किया जाएगा। इसके माध्यम से करदाता अपनी बात भी रख सकते हैं, जिससे अधिकारियों को जानकारी मिल जाएगी। इसमें इनडायरेक्ट टैक्स के बारे में जानकारी, योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी। इसमें अधिकारियों के मोबाइल नंबर, ई मेल आईडी नंबर भी दी गयी है।
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