जनवरी में दक्षिण भारत की महिला पर्यटक काशी भ्रमण पर आई। गंगा उस पार रेती पर गई और ऊंट की सवारी के 200 रुपये बताकर महिला से 15 हजार रुपये वसूले गए। महिला पर्यटक से दुर्व्यवहार भी किया गया। पर्यटक ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया था। इस केस में भी पुलिस ने किसी भी ऊंट वाले पर कार्रवाई नहीं की। ऐसे में मनबढ़ों की ओर से अवैध वसूली और दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
गंगा घाट उस पार रेती पर पुलिस चौकी बननी चाहिए। तीन बार नाविक समाज मांग कर चुका है। रेती पर पर्यटक असुरक्षित हैं। कटेसर, डोमरी समेत अन्य क्षेत्रों से घोड़ा-ऊंट लेकर आने वाले मनबढ़ युवक पर्यटकों से दुर्व्यवहार करते हैं और गलत पैसे वसूलते हैं। नाविकों के विरोध करने पर मारपीट करते हैं। -शंभू साहनी, संगठन मंत्री, मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास