स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक रविवार को डीआरडीओ में भर्ती दो महिलाओं समेत पांच की मौत हुई है। इसमें चकरमा निवासी 41 वर्षीय पुरुष, सदर बाजार निवासी 71 वर्षीय पुरुष, चोलापुर निवासी 65 वर्षीय महिला चोलापुर निवासी 60 वर्षीय महिला और बभनियाव निवासी 66 वर्षीय पुरुष की कोरोना से मौत हुई है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती भूल्लनपुर निवासी 55 वर्षीय पुरुष और बीएचयू में भर्ती डाफी निवासी 75 वर्षीय मरीज की मौत भी हुई।
कोरोना टीकाकरण को लेकर अब धीरे-धीरे संकट दूर होता जा रहा है। शनिवार को जिले को वैक्सीन की 30 हजार डोज मिलने के बाद अब टीकाकरण का कार्यक्रम सुचारू रूप से चलेगा। शहरी और ग्रामीण इलाकों में पहले 75 केंद्रों के बाद अब सोमवार को टीकाकरण केंद्र भी बढ़ा दिए गए हैं। अब 92 केंद्रों पर टीकाकरण होगा।
जिले में 18 से 44 और 45 साल से अधिक उम्र वालों के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में 26 केंद्र, जबकि 45 साल से अधिक वालों के लिए अब 66 केंद्र बनाए गए हैं। इधर रविवार को एक बार फिर ऑनलाइन पंजीकरण में डेट और टाइम स्लॉट मिलने की समस्या से जूझना पड़ा।
इसमें कई केंद्रों पर अगले दो तीन दिन तक जगह ना होने की वजह से युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी गई हैं, इसमें सोमवार को सरकारी कार्यालयों में भी टीकाकरण किया जाएगा। सभी जगहों पर पहले की तरह रिवर्स टोकन सिस्टम लागू रहेगा।
गांव में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग की टीम की ओर से ऑक्सीजन फेरीवाला कार्यक्रम के तहत लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनके ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच भी की जा रही है।
न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र के निर्देशन में रविवार को रमना गांव में पहुंची टीम ने लोगों के ऑक्सीजन सैचुरेशन की जांच की। कठपुतली समूह की ओर से नाटक का मंचन कर भी लोगों को कोरोना का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया।
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने बताया ऑक्सीजन फेरी वाला कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को गांव में ऑक्सीजन की जांच की जा रही है। साथ ही जिनका ऑक्सीजन लेवल कम मिल रहा है उन्हें अस्पताल में जाकर जांच इलाज कराने की सलाह दी जा रही है।