उधर, घटना से आक्रोशित परिजन धरने पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। परिजनों का आरोप था कि हादसे की जानकारी होने के बावजूद विद्यालय का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। एसीपी विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के अनुसार रोशनी चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी।
डंपर बे रोक टोक भरते हैं फर्राटा
पंडापुर गांव के समीप हाईवे, डुबकियां, उमरहां, चौबेपुर बाईपास रोड आदि जगहों पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वाराणसी गाजीपुर हाईवे पर सैकड़ों डंपर तेज रफ्तार में चलते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, डंपर बाहुबलियों के हैं और बिना रोकटोक के चलते हैं।
छह महीने में दो युवतियों समेत आठ लोगों की मौत
क्षेत्र के पहाड़ियां-बलुआ मार्ग पर छह महीनों में सड़क हादसों में 8 की जान जा चुकी है। छितौनी की छात्रा रागिनी (19), गौरा कला के पूर्व प्रधान अनिल मौर्य (50), शंकरपुर निवासी संगम राजभर (45), अराजी नेवादा निवासी वकील कुमार (30), मुस्तफाबाद निवासी पंचम गुप्ता (28), मिश्रपुरा निवासी रमेश यादव समेत अन्य हैं। सरसौल-बलुआ पुल के निर्माण के बाद अब तक प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध है, बावजूद ओवरलोड गिट्टी-बालू लदे डंपर और ट्रक बेरोकटोक आते जाते हैं।