फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपरेशन दस्तक से अपराधियों में खौफ

विज्ञापन
विज्ञापन
आपरेशन दस्तक से अपराधियों में खौफ
विज्ञापन

- दस दिनों में 1912 अपराधियों के घर पहुंची पुलिस, जांच कर जुटाया ब्यौरा
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए कमिश्नरेट में शुरू हुए आपरेशन दस्तक की रणनीति कारगर साबित हो रही है। पुलिस घर पहुंचकर अपराधियों का ब्यौरा जुटा रही है। इससे अपराधी खौफ में हैं। अपराधियों के परिजन भी खुद पुलिस की मदद करने की बात कर रहे हैं। 25 मई से शुरू हुए आपरेशन दस्तक के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक 1912 अपराधियों के घर पहुंचकर ब्यौरा जुटाया। कमिश्नरेट में चिह्नित कुल 2678 अपराधियों में महज 766 के घर पहुंचना बाकी है।
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि पिछले पांच साल से अपराध से नाता रखने वाले अपराधियों की कुंडली तैयार की गई है। हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग, फिरौती, गैंगस्टर के तहत कुल 2678 अपराधियों को चिह्नित किया गया है। थानावार व चौकियों के तहत इनके घर पहुंचकर सत्यापन किया जा रहा है, वर्तमान में कहां है, क्या कर रहे हैं, घर की जीविका कैसे चल रही है, आदि ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इसके बाद इनकी गतिविधियों पर पुलिस नजर रखेगी और तीसरे चरण में अपराधियों पर प्रहार किया जाएगा। आपरेशन दस्तक के तहत सत्यापन होने वाले अपराधियों का आनलाइन डाटा फीड किया जा रहा है। कभी भी एक क्लिक पर इनके बारे में पता किया जा सकेगा। फाइल ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन

---
सबसे अधिक भेलूपुर में हैं अपराधी
आपरेशन दस्तक के तहत अपराधियों के जारी आंकड़े में सबसे कम लक्सा थाने में 48 अपराधी हैं। जबकि सबसे अधिक भेलूपुर थाने में 317 अपराधी हैं। दूसरे नंबर पर जैतपुरा 254, तीसरे पर लंका 244, चौथे नंबर पर शिवपुर 230, पांचवें स्थान पर लालपुर-पांडेयपुर में 214 और छठवें नंबर पर मंडुवाडीह थाने के अंतर्गत 205 अपराधी हैं।
विज्ञापन

---
कोट...
आपरेशन दस्तक की रणनीति सफल साबित हो रही है। अपराधियों के परिजन खुद पुलिस की सहायता करने के लिए तैयार हो रहे हैं। 2678 अपराधियों में अब तक 1912 अपराधियों का सत्यापन किया जा चुका है। - ए सतीश गणेश, पुलिस कमिश्रर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें