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'पिताजी को देश का हर सम्मान मिला:' पं. छन्नूलाल की बेटी नम्रता ने साझा किए अनोखे पल, बोलीं- सरल व्यक्तित्व थे

Thu, 02 Oct 2025 10:45 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Pandit Chhannulal Mishra Passed Away: भारत के शास्त्रीय गायक पंडित छन्नू लाल मिश्रा का पार्थिव शरीर शासकीय सम्मान के साथ मिर्जापुर से बनारस लाया जाएगा। उनकी बेटी ने बचपने के कई पल साझा किए।
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पं. छन्नूलाल की बेटी नम्रता ने साझा किए अनोखे पल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: भारतवर्ष में संगीत से संबंधित जितने भी बड़े सम्मान है वह सब पिताजी को मिल चुके हैं। यश भारती, संगीत संत, पद्मविभूषण सहित सम्मान की काफी लंबी लिस्ट है। देश के कई प्रदेश में वह सम्मानित हो चुके हैं। उक्त बातें जाने माने शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्रा की बेटी प्रो. नम्रता मिश्रा ने कही।

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उन्होंने कहा कि वे मेरे पिता और गुरु दोनों थे। बचपन से ही हर कार्यक्रम में मुझे अपने साथ ले जाते थे। उनका सम्मान होते देखकर मुझे भी गाैरव की अनुभूति होती थी। उनके साथ स्टेज पर बैठना ही मेरे लिए साैभाग्य की बात होती थी। मुझे सुकून है कि मैं अंत समय तक पिताजी के साथ रही। इस वक्त मेरे पास शब्द ही नहीं है कि मैं उनका गुणगान कर सकूं। 

बोलीं- पिताजी के साथ बैठना ही गर्व की बात थी

नम्रता ने कहा कि पिताजी की पूरी बात और पूरा जीवन अनुशरण करने योग्य है। सगीत, अध्यात्म, ठुमरी, चैती, कजरी का वे अद्भुत तरीके से विश्लेषण करते थे। यही कारण है कि देश ही नहीं विदेशों में भी उनके प्रशंसक आज भी उनसे कुछ न कुछ सीखते रहे। उनके गाने में एक समझ होती थी, जिसे आम आदमी भी महससू कर लेता था कि पिताजी क्या कहना चाहते हैं।

पंडित छन्नूलाल मिश्रा की बेटी प्रो. नम्रता मिश्रा ने बताया कि गृहमंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया था। इससे पहले मिर्जापुर के कमिश्नर और जिलाधिकारी ने भी फोन से वार्तालाप की। पूरे राजकीय सम्मान के साथ पिताजी के पार्थिक शरीर को काशी लेकर जाया जाएगा। इसके लिए वाराणसी प्रशासन से भी बातचीत हुई है। वहां पर भी पूरी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मिर्जापुर में भाजपा, संघ परिवार के लोगों ने आवास पर आकर अपनी संवेदना जताई है।
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उन्होंने बताया कि पिताजी का निधन गुरुवार की सुबह करीब सवा 4 बजे हुआ। डाॅक्टर ने पूरे परीक्षण के बाद इसकी जानकारी हम लोगों को दी। 5 बजे तक सैकड़ों लोग आवास पर पहुंच गए थे। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बेड सोर हो जाने के बाद उन्हें खून की कमी हो गई थी। खून चढ़ाने के बाद आराम नहीं हुआ तो कुछ दिन तक बीएचयू अस्पताल में भी इलाज चला। इसके बाद पुन: मिर्जापुर स्थित आवास पर लाया गया।

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