चिकित्सक ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। लेकिन अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो पाया। दोस्तों के साथ मिलकर कई जगह वेंटिलेटर की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। पिताजी का ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता जा रहा था, जिसकी वजह से 24 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई।
विजय कुमार सिंह के बेटे विशाल ने कहा कि मृतक आश्रित के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए आवेदन किया है। विभाग ने मेरे स्नातक योग्यता देखते हुए क्लर्क की नौकरी देने की बात कही है।
विशाल बताते हैं कि चुनाव के कुछ दिन पहले पिता जी को कोरोना टीकाकरण के तहत पहली डोज भी लग चुकी थी, इसके बाद से ही उन्हें बुखार आ रहा था। पिता की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बहन की शादी की खुशियां मातम में बदल ही चुकी हैं, उनकी कमी हमारे परिवार को हमेशा खलती रहेगी। घर की सारी जिम्मेदारी अब मुझपर आ गई है। पिता की मौत के बाद बहन की शादी टल गई।