Varanasi News: वाराणसी जिले के लक्सा के होम स्टे में पिता की मौत और मां-बेटे के सुसाइड का मामला उलझा हुआ है। सीडीआर में सिर्फ पांच नंबर मिले, जिसमें तीन स्विच ऑफ मिले। एक ने कहा कि 15 साल पहले मुखर्जी परिवार से मिले थे।
महाराष्ट्र से काशी से आए विशाल मुखर्जी की मौत और पत्नी जया मुखर्जी और बेटे ईशान मुखर्जी के सुसाइड की गुत्थी अभी भी उलझी हुई है। लक्सा पुलिस ने विशाल के मोबाइल की सीडीआर खंगाली है। मोबाइल में पांच नंबरों पर बातचीत हुई है, जिसमें तीन नंबर लगातार स्विच ऑफ और एक नंबर नॉट रिचेबल है। एक नंबर पर पुलिस की बात हुई तो उसने कहा कि 15 साल पहले विशाल से मुलाकात हुई थी। महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस विशाल के कॉलोनी में गई तो मकान पर ताला लटका हुआ मिला और पड़ोसियों ने कहा कि विशाल के बारे में कुछ नहीं जानते। मुखर्जी परिवार किसी से मतलब नहीं रखता था। ऐसे में महाराष्ट्र और कमिश्नेरट पुलिस के लिए रिश्तेदारों को ढूंढ़ना चुनौती बनी हुई है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी विशाल मुखर्जी (55), पत्नी जया मुखर्जी (51) और बेटे ईशान मुखर्जी (27) सात अगस्त को लक्सा थाना क्षेत्र के वाची गेस्ट हाउस में ठहरे थे। 9 अगस्त की रात विशाल की तबीयत खराब हुई और बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में विशाल की मौत हो गई। 10 अगस्त की देर शाम होम स्टे में मां-बेटे ने जहर खाकर जान दे दी।
लक्सा पुलिस ने तीनों के शव को शिवपुर मोर्च्यूरी हाउस में रखवाया। विशाल और उसकी पत्नी दोनों गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। विशाल ने कुछ कर्ज भी ले रखा था। पुलिस को आशंका है कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए मुखर्जी परिवार काशी आया था। हालांकि नौजवान बेटे के खुदकुशी का कारण भी स्पष्ट नहीं हो सका है।
लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि मोहल्ले के दुकानदार भी कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। ईशान के मोबाइल की फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। लॉक खुले तो फिर उसके सीडीआर या सोशल मीडिया अकाउंट से दोस्तों से संपर्क किया जा सकता है। वाची होम स्टे के कर्मचारियों से भी लक्सा पुलिस ने दूसरे दिन पूछताछ की है। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने बताया कि परिजनों के नहीं पहुंचने पर पुलिस पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराएगी।