हत्या के तीन मामलों में सोमवार को 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इनमें भदोही जनपद के दो हत्याकांडों में पिता-पुत्र समेत आठ और मिर्जापुर में फिरौती न मिलने पर मासूम की जान लेने के प्रकरण में तीन लोगों को सजा सुनाई गई।
दोही में गोपीगंज के भगवानपुर निवासी प्रशांत की मिड डे मील के अनाज के विवाद में अगस्त 2012 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने पिता-पुत्र समेत चार लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में, ज्ञानपुर में अगस्त 2008 में आंबेडकर छात्रावास के पास भैरोना, मिर्जापुर निवासी एक व्यक्ति का हत्या कर फेंका शव मिला था। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने इस मामले में शान बाबू देहाती निवासी कटरा मिर्जापुर, नरसिंह यादव गऊघाट मिर्जापुर, भानुप्रताप वेदपुर और कमलेश पंडा निवासी बड़ी माता मिर्जापुर को उम्रकैद की सजा सुनाई।
मिर्जापुर चील्ह थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव निवासी सात वर्षीय कृष्णा का नवंबर 2015 में फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।