रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे किसानों के दरवाजे-दरवाजे चौपाल लगाकर उन्हें अधिग्रहण संबंधी नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पिछले डेढ़ महीने से चल रहे सत्याग्रह के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से पर्याप्त कदम न उठाए जाने से भी किसान आहत हैं।
उनका कहना है कि 29 मई को होने वाली महारैली में वह पुरजोर तरीके से अपनी मांगों को उठाएंगे। इदिलपुर गांव में चौपाल के दौरान किसान नेता विजय शंकर पांडेय ने बताया कि जागरुकता अभियान के तहत किसानों को उनका हक और प्रशासन तक उनकी मांगों को पहुंचाया जाएगा।
कहा कि जिलाधिकारी जल्द ही किसानों से मिलकर समस्या सुनेंगे। बताया कि किसानों के आंदोलन को लगभग चार माह बीत चुके हैं। महारैली में वह अपने मुद्दे और मांगों को जोरदार ढंग से उठाएंगे। वहीं दूसरी ओर अहमदपुर, इदिलपुर, हृदयपुर में सत्याग्रह जारी है। निगरानी चौकियां भी अपना काम कर रही हैं। बता दें कि रिंग रोड के लिए 28 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई है। किसान 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
चौपाल में ज्ञानचंद्र, राकेश सिंह, राजेश, पारस, सत्येंद्र, कमलेश, कैलाश नाथ, वीरेंद्र, ओंकार आदि शामिल रहे। सत्याग्रह में पन्ना लाल, मनोज, सुभाष, बैजनाथ, पन्नवासी, कल्लू, दशरथ, गुड्डू, रामजी, इंद्रासनी, पार्वती, सुदामा, बालगोविंद, अमरजीत, चंद्रिका, मानसलाल, लक्ष्मी आदि शामिल रहीं।