वाराणसी के संदाहा में अपने अधिग्रहित जमीन के लिए मुआवजा मांग रहे शुक्रवार को किसान और प्रशासन आमने सामने आ गये । रिंग रोड का मुद्दा शुक्रवार को एक बार फिर गरमा गया। पुलिस बल के साथ रिंग रोड का कार्य शुरू कराने संदहा पहुंचा प्रशासन को किसानों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा।
नए नियम के तहत मुआवजे की मांग को लेकर किसान और प्रशासन आमने सामने आ गए। उपजिलाधिकारी आर्यका अखौरी और किसान प्रतिनिधियों के बीच चली कई दौर की वार्ता के बाद लगभग चार घंटे बाद शाम को यह निर्णय लिया गया कि शनिवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन के यहां वार्ता होगी। उसमें जो निर्णय लिया जाएगा वैसे ही आगे कार्य किया जायेगा।
संदहां में सुबह 11 बजे, किसानों का बगैर सूचना और मुआवजा प्रकरण सुलझाए ही शुक्रवार को उपजिलाधिकखरी सदर, भारी पुलिस बल के साथ रिंगरोड का कार्य शुरु कराने पहुंची।
संदहां गांव के रिंग रोड पर पीएसी और आस-पास थानों सारनाथ, चोलापुर, फूलपुर, चौबेपुर के थानाध्यक्ष मय फोर्स पहुंचना शुरु हो गये। जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी राजेंद्र प्रसाद और एनएचआई के अधिकारी जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे थे।
किसानों को जब पता चला तो वह भड़क गए। आस-पास के गांव फरीदपुर, हसनपुर, हृदयपुर आदि गांवों से लोग जुटने लगे। तीन सौ से अधिक किसानों जिनमें ज्यादातर महिला किसान शामिल रहीं, प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कई दौर की वार्ता के बाद शाम साढ़े चार बजे पुलिस प्रशासन मौके से लौट गयी।