मेंरे पूरे खानदान में आजतक कोई किसी सरकारी महकमे में शामिल नहीं हुआ। मेरे पिता, दादा और परिवार के अन्य लोग खेती, स्वरोजगार सहित निजी कंपनियों में काम कर जीविकोपार्जन करते आए है। मेरा दूसरा बेटा ललित ही एक मात्र ऐसा है जिसने पहली बार पुलिस विभाग में किसी अधिकारी पद पर तैनात किया गया। आगे की पीढ़ी के लिए एक नई शुरूआत है। ये कहना है हॉकी खिलाड़ी ओलंपियन ललित उपाध्याय के पिता सतीश उपाध्याय का। बृहस्पतिवार को ललित को प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नौकरी मिलने पर ललित के घर काफी खुशी और उत्साह का मौहाल था। टोक्यो ओलंपिक 2020 में कास्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष टीम के सदस्य ललित ने बताया कि खेल में कड़ी मेहनत का परिणाम है ओएसडी का पद, जिसे मै खेल के साथ साथ पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाऊंगा।