आजमगढ़। कोरोना ने तो मानवता के साथ ही अपनों के रिश्तों को भी खत्म सा कर दिया है। कोविड मरीजों को अब उनके अपने भी छोड़ कर फरार हो जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पल्हनी क्षेत्र का सामने आया। 45 वर्षीय व्यक्ति कोरोना मरीज की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे छोड़ कर चले गए। सांस लेने में तकलीफ हुई तो एंबुलेंसकर्मियों ने ही उसे जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया।
पल्हनी निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति कोविड पॉजिटिव होने पर घर पर ही आइसोलेट हो गया। हालत गंभीर होने पर परिजन भी उसका साथ छोड़ दिए और उसे घर पर अकेला छोड़ कर चले गए। दो दिन पूर्व उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परेशान हाल उक्त व्यक्ति ने 108 पर कॉल किया तो सीएचसी पल्हनी के ईएमटी रवि कुमार व पायलट मोहन चौरसिया तत्काल एंबुलेंस लेकर डीएम आवास के पीछे मरीज के घर पर पहुंच गए। मरीज को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। वह इस स्थिति में भी नहीं था कि स्वयं गाड़ी में सवार हो जाए। परिवार वाले तो पहले ही उसे छोड़ चुके थे तो वहीं आसपास के लोग मौजूद जरूर थे लेकिन उसे चढ़ाने के बजाए दूर से मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। स्थिति की नजाकत को समझते हुए एंबुलेंस कर्मी ही उसके लिए अपने हुए और ईएमटी व पायलट ने मिल कर उसे एंबुलेंस पर चढ़ाया और जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. वाईके राय ने बताया कि जिले में 108 की 51 एंबुलेंस है। जिसमें 26 कोविड मरीजों को सेवा मुहैया करा रही है। कोरोना काल में भी इन एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी व पायलट पीड़ित मानवता की सेवा में जुटे हुए हैं। कई कोविड मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचा कर इन एंबुलेंस कर्मियों ने उनकी जान तक बचाई है।