Varanasi News : कार में माैजूद तीनों लोग पुलिस को दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। कड़ाई से पूछताछ में सामने आई सच्चाई को जानकर सभी हैरान रह गए। पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए वीआईपी पास का धाैंस दिखाकर तीनों कार लेकर निकल जाते थे। यही काम टोल टैक्स पर भी होता था।
बीती रात लहरतारा-फुलवरिया फ्लाईओवर पर चेकिंग के दौरान मंडुवाडीह पुलिस ने नीले रंग की संदिग्ध बलेनो कार (नम्बर प्लेट की जगह वीआईपी / विधायक पास लगा था) को रोका। कार के आगे नंबर प्लेट नहीं लगी होने और गाड़ी पर चिपके 'वीआईपी/ विधायक पास' के संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसमें सवार तीन व्यक्तियों से पूछताछ की।
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ड्राइवर ने अपना नाम हिमांशु रंजन निवासी गाजीपुर बताया, जबकि अन्य दो व्यक्तियों ने अभिजीत कुमार निवासी चंदौली और अंकित यादव निवासी गाजीपुर के रूप में अपनी पहचान बताई।
उपनिरीक्षक राहुल सिंह और पुलिस टीम ने जांच के दौरान पाया कि वाहन कि पिछली नंबर प्लेट UP66Q8656 के आधार पर इसका मालिक सुजीत जायसवाल निवासी भदोही पाया गया। चालक हिमांशु ने गाड़ी को सेकंड हैंड खरीदने की बात कही और स्वीकार किया कि उसने टोल टैक्स और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए फर्जी 'विधानसभा पास' का इस्तेमाल कर रहा था।
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गाड़ी की तलाशी में एक फर्जी 'विधानसभा पास' बरामद हुआ। इस पर विधानसभा सचिवालय उत्तर प्रदेश और गाड़ी का नंबर अंकित था। साथ ही चालक हिमांशु रंजन वाहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा।
पुलिस ने फर्जी पास का उपयोग करने और वाहन के वैध दस्तावेज न होने के कारण गाड़ी को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया। इसके अतिरिक्त चालक हिमांशु रंजन के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) और 336(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया।