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गंगा तट पर सजेगा आस्था का यादगार उत्सव

Fri, 06 May 2016 01:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी।
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काशी में बैशाख शुक्ल सप्तमी,13 मई की सुबह गंगा की उत्पत्ति पर आस्था का यादगार उत्सव मनेगा। अविरलता-निर्मलता के संकट से गुजर रही पतितपावनी के तट पर पहली बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन क्षणों के साक्षी बनेंगे। एक तरफ गंगा की पीड़ा होगी, दूसरी ओर हर मन में निर्मलीकरण का संकल्प। फूलों से सजे दशाश्वमेध घाट पर सितार की धुनों के बीच राष्ट्रपति गंगा का दुग्धाभिषेक करेंगे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती उतारी जाएगी। राष्ट्रपति के साथ तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा केंद्र और राज्य के कई मंत्रियों की मौजूदगी की संभावना है। यह अनुष्ठान सर्वोदय सेवा समिति की ओर से किया जाएगा।
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काशी में गंगा के उत्पत्ति दिवस पर अविरलता-निर्मलता का संकल्प लेने के लिए देश भर से दिग्गज जुटेंगे। सुबह छह बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूजा करेंगे। काशी के जाने माने वैदिक विद्वान मंत्रोच्चार करेंगे। राष्ट्रपति के साथ यूपी के राज्यपाल रामनाईक होंगे और  बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी। सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास को भी इस अनुष्ठान में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। गंगा उत्पत्ति दिवस के इस मौके पर दुग्धाभिषेक कर अविरलता-निर्मलता का संकल्प दिलाया जाएगा। केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, बिहार के कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी के भी आने की स्वीकृति मिल गई है।  संस्था के संरक्षक और काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक डॉ. श्रीकांत मिश्र इस आयोजन की भव्यता के लिए हर जतन कर रहे हैं। समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय और उपाध्यक्ष अजय शर्मा घाट पर मंच निर्माण के अलावा स्वागत द्वार व अन्य तैयारियों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।


वहीं, बीएचयू में अपने दूसरे आगमन पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मेधावियों को संबोधित करेंगे। 12 मई को स्वतंत्रता भवन में आयोजित राष्ट्रपति के संबोधन में विश्वविद्यालय के होनहार विद्यार्थियों के अलावा एनएसएस और एनसीसी के कैडेट्स को शिरकत करने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रपति के आगमन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं।  
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स्वतंत्रता भवन की क्षमता कम होने के नाते विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को वहां प्रवेश नहीं दिया जा सकता। विवि प्रशासन ने तय किया है कि मेधावी छात्र-छात्राओं के अलावा एनएसएस के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स को ही पास जारी किया जाएगा। इसमें छात्राओं की बराबर की भागीदारी होगी, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश कुलपति ने दिया है।

राष्ट्रपति के आगमन का प्रारंभिक प्रोटोकाल आ चुका है। एडीएम प्रोटोकाल ओम प्रकाश चौबे ने बताया कि राष्ट्रपति के अलावा अभी किसी अन्य वीआईपी का प्रोटोकाल नहीं आया है लेकिन कई वीआईपी के आने की संभावना है। सर्किट हाउस के कुछ कमरों को राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित कर दिया गया है। कई और कमरे भी वीआईपी के लिए रिजर्व रखे गए हैं।
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