यकीन में बदल जाती है उम्मीद किसी को खून चाहिए तो आश्वस्त होकर फेसबुक पेज 'वाराणसी ब्लड प्वाइंट' को मैसेज करता है और उसे घंटे भर में ब्लड उपलब्ध हो जाता है। सामनेघाट के रहने वाले साकेत चौबे इस पेज के एडमिन है। बगैर किसी स्वार्थ के पिछले तीन साल से रक्तदान महादान पर काम कर रहे हैं। इनके फेसबुक पेज से युवा, महिलाएं और बुजुर्ग तक जुड़े हुए हैं।
कई अस्पतालों के चिकित्सकों को आपातकाल में ब्लड की जरूरत होती है तो वहीं यकीन के साथ वाराणसी ब्लड प्वाइंट के फेसबुक पेज पर मैसेज साझा करते हैं और उसका सफल परिणाम भी सामने आ जाता है। बीएचयू के कई युवा इस पेज से जुड़े हुए हैं और असहाय, अशक्तों की मदद कर रहे हैं।
एडमिन साकेत चौबे ने बताया कि लॉकडाउन में भी सेवा जारी है, यदि किसी ने खून की जरूरत बताई और उपलब्ध नहीं हो पाता है तो पूरे दिन मन बैचेन रहता है। हालांकि ऐसी स्थिति महीने में कभी कभार ही आती है। अमन बचा रहे अंजानों की जान लावारिस और असहाय की सेवा करने वाले दारानगर के रहने वाले अमन कबीर वाराणसी एंबुलेंस के नाम से फेसबुक पेज चलाते हैं। खून की आवश्यकता को लेकर अमन को आए दिन फोन और मैसेज आता है तो फेसबुक पर सिर्फ पोस्ट करते ही लोग ब्लड देने के लिए आतुर हो जाते हैं।
हाल ही में चेतगंज थाने एक पुलिसकर्मी ने आधी रात को फेसबुक पेज देखा तो तुरंत अस्पताल में खून देने पहुंच गया। इसी तरह चंदौली और अन्य जिलों से भी लोग सिर्फ फेसबुक पर मैसेज देकर खून दान करने वाराणसी चले आते हैं। अमन ने बताया कि यह अच्छी बात है कि लोग अब अंजानों की मदद को भी तैयार रहते हैं। लॉकडाउन में ब्लड बैंकों में खून की कमी होने पर फोन आने पर पूर्ति भी कराई जाती है।