संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय।
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Varanasi News: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में प्राचार्य पद की नियुक्ति के लिए अब पांच साल का अनुभव जरूरी होगा। इसके साथ ही प्रधानाचार्य, प्राचार्य और अध्यापकों की नियुक्ति में देशभर के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के शिक्षक विषय विशेषज्ञ नामित किए जाएंगे। वित्त समिति के वर्ष 2026-27 के बजट को स्वीकृत किया गया।
बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की अध्यक्षता में योग साधना केंद्र में कार्यपरिषद की बैठक हुई। उच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर डॉ. रानी द्विवेदी को सहायक आचार्य, भाषा विज्ञान पद पर नियुक्ति की गई। प्राचार्य/ प्रधानाचार्य नियुक्ति की अर्हता के लिए कम से कम पांच वर्षों का अध्यापन अनुभव जरूरी होगा।
संस्कृत महाविद्यालयों के अध्यापकों प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए संपूर्ण भारत के विवि/ महाविद्यालयों के विशिष्ट विषय विशेषज्ञ नामित किए जाने पर सहमति दी। डॉ. ज्ञानेंद्र सांपकोटा, डॉ. विजय अनिरुद्ध सिंह, डॉ. पंकज एल जानी, कुलपति प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी ने वर्चुअली बैठक में हिस्सा लिया।
इस दौरान कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. राजनाथ, प्रो. शंभूनाथ शुक्ल, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. दुर्गेश पाठक, डॉ. नितिन आर्य, प्रो. महेंद्र, प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा, प्रो. अमित माैजूद रहे।