डुप्लीकेट चाबी से पल भर में महंगी बाइक उड़ा देने वाले अंतर प्रांतीय गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने शनिवार की शाम मलदहिया से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी की 11 मोटरसाइकलें बरामद की गई हैं। पूछताछ में दोनों चोरों ने दिल्ली, गाजियाबाद समेत पूर्वांचल के कई जिलों में चोरियां कबूली हैं। कई अन्य साथियों के भी नाम बताए हैं।
एसओ सिगरा राजीव रंजन उपाध्याय को शनिवार की शाम सूचना मिली थी कि दो चोर मलदहिया क्षेत्र में चोरी की बाइक बेचने के लिए एक ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं।
सूचना पर तुरंत हरकत में आई पुलिस ने घेरेबंदी कर कपसेठी के बरकी निवासी सुनील कुमार सिंह और मिर्जापुर जिले के चील थाना क्षेत्र के सेमरा निवासी धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से मौके से दो और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शहर के अलग-अलग स्टैंड में जमा की गई नौ और बाइकें बरामद कीं। इनमें से छह मोटरसाइकलें वाराणसी व अन्य भदोही एवं मिर्जापुर से चुराई गई थीं। चोरों ने बताया कि मॉल एवं भीड़-भाड़ वाले इलाके से बाइक चुराने के बाद वे उसे नजदीकी स्टैंड में जमा कर देते थे। ग्राहक से बातचीत तय होने के बाद बाइक का सौदा कर दिया जाता था। जिन गाड़ियों की डिक्की कागज भी मिल जाते थे उन्हें महंगे दामों पर बेचा जाता था।
वहीं जिनके कागजात नहीं मिलते थे उन्हें कम दामों पर बेचा जाता था। पुलिस पूछताछ में चोरों के संबंध आरटीओ के कुछ दलालों से भी होने की बात सामने आई है। दलाल बाइक के फर्जी कागजात बनवाने में मदद करते हैं। पूछताछ में पता चला है कि चोरों का नेटवर्क दिल्ली, गाजियाबाद, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, चंदौली समेत पूर्वांचल के कई जिलों में है। चोर गुट बनाकर अलग-अलग स्थानों पर चोरियां करते हैं। सुनील के खिलाफ वाराणसी और भदोही के विभिन्न थानों में 11 मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसओ सिगरा राजीव रंजन उपाध्याय, रोडवेज चौकी इंचार्ज रमेश यादव, कमल नयन दूबे, अभय सिंह आदि शामिल थे।