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वाराणसी में अधिशासी अभियंता निलंबित: जलभराव पर मंत्री एके शर्मा का एक्शन, नदी में नहीं लगाया था गेट; कार्रवाई

Mon, 14 Sep 2026 06:47 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में जलभराव को लेकर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की सख्ती के बाद शासन ने कार्रवाई की है। चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी के पंप समय से संचालित नहीं किए जाने पर उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया। मंत्री ने लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में जलभराव के दौरान पंपिंग स्टेशनों पर लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), वाराणसी के निर्माण खंड (वि./यां.) में अधिशासी अभियंता पद पर तैनात पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत अनुशासनिक जांच भी शुरू की गई है। मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को जांच अधिकारी बनाया गया है।

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नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के 12 और 13 सितंबर के वाराणसी दौरे के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। इस दौरान मंत्री ने जलभराव को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जलभराव से आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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शासन की जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि पवन कुमार गुप्ता ने चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन में नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट या बैरियर लगाने के संबंध में आगणन सहित कार्ययोजना तैयार नहीं की। साथ ही उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

इसके अलावा तीन और चार सितंबर को चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी पर पंप बंद रखे गए। भारी बारिश के दौरान समय से पंपों का संचालन नहीं होने के कारण सीवर लाइनों पर अत्यधिक लोड पड़ा। इससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शासन ने इसे गंभीर लापरवाही और पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता माना है।

मंत्री के निर्देशों के बाद पंपिंग स्टेशनों और नालों की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया है। कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। निलंबन अवधि में पवन कुमार गुप्ता मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर से संबद्ध रहेंगे। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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