पुलिस भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं में फर्जी दस्तावेजों के सहारे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले साल्वर गिरोह के सदस्य बिहार के कैमूर निवासी मुंशी यादव को सोमवार की रात कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया। मंगलवार को आरोपी मुंशी को जेल भेज दिया गया।
कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि 26 अक्तूबर को आयोजित पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में दो मुन्ना भाई गिरफ्तार किए गए थे। दोनों से पूछताछ में पता चला था कि साल्वर गिरोह का सरगना बिहार निवासी उपेंद्र और रजनीश हैं। वहीं, गिरोह के सदस्य के तौर पर मुंशी यादव सहित अन्य को चिह्नित किया गया था।
सोमवार की रात सूचना मिली कि मुंशी कैंट थाना क्षेत्र में मौजूद है तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मुंशी ने बताया कि अलग-अलग परीक्षा का अलग-अलग पैसा मिलता है। परीक्षा में शामिल होने के लिए गिरोह के सरगना ही फर्जी आधार कार्ड और प्रवेश पत्र बनवाते हैं। सामान्यतया परीक्षा में शामिल होने के लिए 10 हजार रुपये और आने-जाने व ठहरने का खर्च दिया जाता है। परीक्षा उत्तीर्ण करने पर एक लाख रुपये से लेकर ढाई लाख रुपये तक मिलते हैं।