बता दें कि पूर्व मंत्री अंगद यादव और अन्य बंदी जेल में धड़ल्ले से मोबाइल फोन चला रहे थे। इसके बाद 16 मार्च को एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने जेल में छापेमारी कर अंगद यादव और अन्य बंदियों के 35 मोबाइल फोन जब्त कर लिए। इनके खिलाफ सिधारी थाने में केस भी दर्ज कराया गया है।
इसके बाद बंदियों ने जेल में हंगामा कर दिया था। जेल में हंगामे के लिए भी अंगद और अन्य को जिम्मेदार माना गया है। घटना के बाद जेल प्रशासन सख्त हो गया। ऐसे में बंदी अन्य जेलों में जाने की जुगत में लगे हैं।