वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में 19, 39, 255 मतदाता हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का अभियान फिर चलेगा। इससे पहले ही भाजपा की क्षेत्रीय, जिला और महानगर इकाई के प्रत्येक कार्यकर्ता को 10 घर और 50 मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
भाजपा अब मतदान फीसदी बढ़ाकर वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत का अंतर बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए सोशल मीडिया से लेकर बूथ स्तरीय संगठन और पन्ना प्रमुखों तक की जिम्मेदारी तय हुई है।
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वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में 19, 39, 255 मतदाता हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का अभियान फिर चलेगा। इससे पहले ही भाजपा की क्षेत्रीय, जिला और महानगर इकाई के प्रत्येक कार्यकर्ता को 10 घर और 50 मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी सौंप दी गई। मतदाताओं का नाम सूची में जुड़वाने, उन्हें मतदेय स्थल तक पहुंचाने और निश्चित मतदान कराने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ता उठाएंगे।
भाजपा संगठन का मानना है कि यदि वाराणसी में मतदान फीसदी 65 फीसदी तक पहुंचाया जाए तो 12.50 लाख से ज्यादा मत पड़ेंगे। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, कांग्रेस-सपा और बसपा को मिलाकर करीब साढ़े तीन लाख के आसपास ही मत मिले हैं।
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जीत का मतदान फीसदी कम हुआ था
लाख प्रयासों के बाद भी वर्ष 2019 में मतदान फीसदी वर्ष 2014 से डेढ़ फीसदी कम हो गई थी। बावजूद इसके पीएम मोदी ने वर्ष 2014 में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को करीब तीन लाख और वर्ष 2019 में सपा की शालिनी यादव को करीब पांच लाख मतों से पराजित किया था। वर्ष 2019 में नवसारी सांसद और गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल ने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब सात लाख मतों के अंतर से हराकर रिकाॅर्ड अपने नाम किया था। अब यही रिकॉर्ड भाजपा तोड़ना चाह रही है।
पिछले दो लोकसभा और दो विधानसभा चुनावों के नतीजों पर अध्ययन के बाद हमने अपनी रणनीति तैयार की है। मत प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास करेंगे। अबकी बार 65 फीसदी मतदान के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।