आधी रात को बह गई मड़ई, मुश्किल से बची किसान की जान
चंदौली के गायघाट निवासी पीड़ित महिला लालती देवी पत्नी धनेश निषाद ने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर की अर्धरात्रि को उनके पति नदी किनारे अपनी मड़ई में सो रहे थे। तभी अचानक जलस्तर बढ़ा और कटान के चलते उनकी लगभग दो बिस्वा जमीन मड़ई समेत नदी में बह गई। पति के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उनकी जान बचाई, लेकिन मड़ई में रखा दो बोरा गेहूं, दो बोरा चावल, अन्य खाद्य सामग्री और एक इंजन नदी के तेज बहाव में समा गया।
इन किसानों की जमीन हुई प्रभावित
कटान से प्रभावित किसानों में गुलाब निषाद, राम वृक्ष बिंद, राम जी यादव, लक्ष्मी निषाद, राम आश्रय निषाद, धनेश निषाद, नंदलाल निषाद, बाबूलाल निषाद, केसनाथ निषाद, पीर मोहम्मद, मजीद खान, लाल मोहम्मद, राम अवतार निषाद, रामू निषाद, रामा निषाद, दयाराम, जुगेंदर, शिवपूजन, शशिकांत, लालती देवी आदि।
डीएम के समक्ष मजबूती से उठेगा मुद्दा
जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही पीड़ितों को साथ लेकर जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मिलेंगे। भरोसा दिलाया कि कटान रोकने के लिए सार्थक और ठोस पहल कराई जाएगी ताकि ग्रामीणों को इस तबाही से स्थायी निजात मिल सके।