इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र करौंदी में बुधवार को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की ओर से संचालित क्षितिज-शृंखला के तहत सांगीतिक कार्यक्रम हुआ। गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर स्वर-साधना पर केंद्रित संगीत आत्मा का स्वर है पर व्याख्यान भी हुआ। मुख्य अतिथि तबला सम्राट पं. किशन महाराज के पुत्र पं. पूरन महाराज व सारस्वत अतिथि आरएसएस के संपर्क प्रमुख दीनदयाल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पं. ललित कुमार ने एकल तबला वादन की बेजोड़ प्रस्तुति दी। बनारसी अंग के उठान, कायदा, गत, फर्द, लाहौरी गत, फरमाइशी चक्रधार आदि की विशिष्ट प्रस्तुतियों से सभी को मुग्ध कर दिया। संवादिनी पर पं. मोहित साहनी ने संगत की। संचालन डॉ. शिवेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर बीएचयू के प्रो. प्रवीण उद्धव, डॉ. निखिल भगत, पं. देवाशीष डे, पं. विनोद मिश्रा, पं. राजेश गौतम, डॉ. अवधेश, डॉ. रामवीर शर्मा आदि रहे।