डीएम ने एक महीने पहले कार्रवाई का दिया था आश्वासन
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बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर 17 दिन तक धरने पर बैठे छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक माह के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन तो दे दिया था, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट का पता नहीं है। इसका आदेश जारी होने के बाद ही छात्रों ने अनशन खत्म किया था। अब कब तक जांच पूरी होगी, इस बारे में अधिकारी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में नर्सिंग की मान्यता को लेकर धरना दे रहे छात्र-छात्राओं को जबरन हटाने, एक छात्रा की चीफ प्रॉक्टर द्वारा पिटाई करने के विरोध में छात्र प्रशासनिक भवन पर 30 नवंबर से धरना दे रहे थे। कुछ दिन तक क्रमिक धरना देने के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। देखते-देखते 17 दिन का समय हो गया जब विश्वविद्यालय प्रशासन से बात नहीं बनी तो जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने हस्तक्षेप किया और कुलपति से बात कर छात्रों का धरना समाप्त कराया।
इसी दिन छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने एक आदेश जारी कर चीफ प्रॉक्टर प्रकरण में गठित जांच समिति की जांच एक माह में पूरी होने, नर्सिंग छात्रों के खिलाफ लंका थाने में दर्ज मुकदमे में कोई कार्रवाई न होने का जिक्र किया था।