अंदर से बंद था दरवाजा, पड़ोसियों ने गेट खुला देख पुलिस को बुलाया
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संवाद न्यूज एजेंसी वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में शुक्रवार को रेल कर्मचारी पीटर बसंत होरो (38) का शव सरकारी आवास के कमरे में मिला। वह बरेका के आवास संख्या 597-सी में रहता था और दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस जांच में मृतक के आवास से खाली शराब की 250 बोतलें मिलीं। प्रथमदृष्टया मौत की वजह शराब का लगातार सेवन करना पाया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह सात बजे पड़ोसियों ने पीटर के आवास का मुख्य गेट खुला देखा। अनहोनी की आशंका में बाहर से कई बार आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। एक पड़ोसी हिम्मत जुटाकर घर में दाखिल हुआ तो दरवाजा अंदर से बंद था। शंका के बीच मृतक की पत्नी को फोन कर अवगत कराया गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोला तो वह कमरे में औंधे मुंह पड़ा था। आसपास फर्श पर खून बिखरा था। जांच में वह मृत पाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट्स और खून के नमूने एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी अजय राज वर्मा ने बताया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। कमरे में शराब की बोतलें मिलीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह सामने आएगी। सभी पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
15 दिन से काम पर नहीं गया था पीटर, पत्नी से हुई थी आखिरी बात पड़ोसियों और सहकर्मियों से पूछताछ में सामने आया है कि पीटर 15 दिन से ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। वह सरकारी आवास में अकेले ही रहता था। जबकि पत्नी झारखंड में अध्यापिका है और बीमार चल रही है। पत्नी के अनुसार, बृहस्पतिवार रात आठ बजे पीटर से फोन पर आखिरी बार बातचीत हुई थी, जिसके बाद सुबह उनकी मौत की खबर आई। जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है और वाराणसी रवाना हो चुके हैं।