सूचना मिली की पुलिस यहां भी आने वाली है इसलिए मैं नेपाल निकल लिया। इस दौरान जानकारी मिली कि पुलिस ने मेरे गांव में मेरा काफी सामान कुर्क कर लिया है। मोहन प्रकाश के अस्सी स्थित घर की जबरदस्त कुर्की हुई। यूपी से मैं बिहार पहुंचा तो मालूम चला कि कर्पूरी ठाकुर और रामविलास पासवान बिहार से बनारस पहुंचे हैं और छिपते फिर रहे हैं। फिर वे लोग भी बनारस से नेपाल पहुंच गए। तमाम साथी मारकंडेय सिंह, सुरजीत सिंह डंग, चंचल कुमार, शतरुद्र प्रकाश, उनकी पत्नी अंजना प्रकाश, रामबचन पांडेय आदि गिरफ्तार कर लिए गए।
आज की नई पीढ़ी को शायद इस बात की जानकारी न हो कि कभी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में संघ भवन भी था और वहां राष्ट्रीय सेवक संघ के कार्यक्रम संचालित होते थे जिसे आपातकाल के दौरान कोर्ट के आदेश पर तोड़ दिया गया। लखनऊ टेक्निकल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दुर्ग सिंह चौहान, बीएचयू के प्रो. जय प्रकाश लाल व बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानन्द राय बताते हैं कि 1932 में पंडित मदन मोहन मालवीयजी की प्रेरणा से बीएचयू के लॉ कालेज मे संघ भवन का निर्माण हुआ था।
संघ ने बीएचयू को एक हजार 52 रुपये भवन के लिए अदा किया था। अदालत ने संघ भवन को तोड़ने का आदेश दे दिया, संघ के लोग आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देते तब तक इमरजेंसी लग गई। इस मौके का फायदा उठाते हुए कालु लाल श्रीमाली के वीसी काल में अदालत के आदेश पर संघ भवन को जमींदोज कर दिया गया।