परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में रैंप बनाए जाने का प्रस्ताव है। बैठक में हुकुलगंज में प्रस्तावित रैंप को लेकर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि यदि हुकुलगंज में रैंप उतारने से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रभावित होते हैं तो इसके विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को हुकुलगंज में रैंप न उतारकर आयुर्वेद कॉलेज के पास रैंप उतारने के विकल्प पर विशेष ध्यान देने को कहा। रविंद्र जायसवाल ने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य जनसुविधाओं को बढ़ाना है। इसलिए एलिवेटेड रोड की डिजाइन ऐसी होनी चाहिए, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्थानीय नागरिकों पर परियोजना का न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर डिजाइन और रैंप के स्थान तय करने के निर्देश दिए।
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में सबसे अधिक समस्याएं रैंप वाले स्थानों को लेकर सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए रैंप के स्थान और डिजाइन को लेकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, डीएम सत्येंद्र कुमार व क्षेत्रीय पार्षद भी मौजूद रहे।