सेतु निगम और बिजली विभाग की लापरवाही से मंडुवाडीह बाजार में मंगलवार की रात 12 बजे से बुधवार की दोपहर तक बिजली-पानी के लिए हाहाकार मच गया। तकरीबन दस घंटे तक हजारों परिवार बिजली-पानी बिन बेहाल हुए। रात की नींद हराम हुई तो सुबह पानी के लिए भी लोग तरस गए।
वजह बनी, बिना आपसी समन्वय के जेसीबी से कराई गई खुदाई। बिजली, पानी और टेलीफोन की लाइनें कटने से मंडुवाडीह बाजार में अंधेरा पसर गया। इसका असर दूसरे इलाकों की आपूर्ति पर भी पड़ा। आसपास के इलाके के लोगों को भी घंटों कटौती से जूझना पड़ा।
इस हालात के लिए सेतु निगम और बिजली विभाग के अभियंता एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जबकि, बाजारवासियों का कहना है कि मंडुवाडीह आरओबी निर्माण के रिटेनिंग वॉल के लिए रात में जेसीबी से खुदाई कराई जा रही थी लेकिन न सेतु निगम के इंजीनियर मौके पर मौजूद थे न ही बिजली विभाग के।
नतीजा यह हुआ कि रात करीब दो बजे जेसीबी से खुदाई के दौरान भूमिगत बिजली तार, पानी की पाइप और टेलीफोन की लाइनें कट गईं। इसके बाद पूरा बाजार अंधेरे में डूब गया। बुधवार की सुबह मरम्मत कार्य शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे तक कई इलाकों में आपूर्ति बहाल कर दी गई जबकि जबकि एक ट्रांसफार्मर की आपूर्ति देर शाम सामान्य हुई।
दस घंटे की कटौती के चलते घरों में लगे इन्वर्टर और मोबाइल तक डिस्चार्ज हो गए। फ्रिज में रखे सामान खराब हो गए। भोर में चार बजे से दोपहर 12 बजे के बीच वैकल्पिक आपूर्ति के जरिए कुछ देर बिजली दी गई लेकिन इससे आसपास के इलाकों को कटौती से जूझना पड़ा।
क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत कराकर आपूर्ति बहाल करने में दस घंटे से अधिक लग गए। रात में फिर कटौती शुरू हो गई। रात सवा 12 बजे बिजली गुल होने से लोग बेहाल हुए।
गजोखर में ट्रांसमिशन की सीटी फट जाने से ग्रामीण इलाकों में बिजली के लिए हाहाकार मच गया। मंगलवार की रात एक बजे आई इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण सात उपकेंद्रों से जुड़े करीब चार सौ गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार को लोग बिजली-पानी के लिए तरसते रहे।
वहीं, दिन भर मरम्मत का काम चलता रहा। रात आठ बजे नई सीटी लगने के बाद 9:30 आपूर्ति बहाल की गई। गजोखर ट्रांसमिशन 280/132/33 से राजातालाब ट्रांसमिशन के अलावा कुरुसातो और जौनपुर को बिजली की आपूर्ति की जाती है।
मंगलवार की रात एक बजे गजोखर में सीटी फट गई, जिसकी वजह से राजातालाब ट्रांसमिशन से जुड़े सात उपकेंद्रों सेवापुरी, राजातालाब, टोडरपुर, लालपुर, ठठरा, दीनदासपुर, जक्खिनी और रोहनिया की आपूर्ति बाधित हो गई। इन सातों उपकेंद्रों से जुड़े करीब चार सौ गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप होने से हाहाकार मच गया।
गर्मी में रात को लोगों की नींद खराब हुई तो बुधवार को दिन भर पसीना बहाते रहे। वहीं, सुबह-शाम जलापूर्ति भी बाधित रही, जिससे लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए। हालांकि इस बीच मंडुवाडीह ट्रांसमिशन से बिजली लेकर सभी फीडरों से क्रमवार तीन-तीन घंटे की आपूर्ति की गई। देर शाम को मरम्मत काम पूरा हुआ। इसके बाद रात 9:30 बजे आपूर्ति बहाल की गई।