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लेढ़ूपुर उपकेंद्र में ब्लॉस्ट, 75 हजार लोग 12 घंटे तक बिजली के लिए तरसे

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वाराणसी/सारनाथ। बिजली विभाग की लापरवाही से लेढ़ूपुर उपकेंद्र में सोमवार सुबह करीब तीन बजे हुए ब्लास्ट से करीब 75 हजार लोगों के घरों की बिजली गुल हो गई। 33/11 केवी के कंट्रोल रूम में ब्लास्ट व फ्लैशओवर से निकली आग की लपटों से इनकमिंग नंबर-दो और 11 केवी शक्तिपीठ फीडर जल गया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई। एसएसओ दीपक शर्मा ने भाग कर जान बचाई और सूचना उपकेंद्र के अधिकारियों के साथ ही फायर ब्रिगेड को दी। दमकल कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। अपराह्न करीब तीन बजे के बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर अलग-अलग क्षेत्रों में बारी-बारी से बिजली दी जा रही है। वहीं बिजली नहीं आने से पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई और लोगों को आसपास के हैंडपंपों से पानी ढोना पड़ा।
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लेढ़ूपुर उपकेंद्र केंद्र के स्विच यार्ड में लगे ट्रांसफार्मर से 11 केवी इनकमिंग पैनल के पीछे लगी सीटी, ट्रांसफार्मर से पैनल तक जाने वाली केबल काफी दिनों से लाल हो रही थी। सूचना देने के बावजूद इसकी अनदेखी की गई। यह भी कहा जा रहा है कि चूहा या कोई अन्य जीव पैनल में घुस गया होगा, जिससे आग लगी। घटना के बाद शक्तिपीठ, आशापुर, लेढ़ूपुर, पंचकोशी के अलावा स्वतंत्र फीडर झुनझुनवाला, सुरभि, मैरेडियन और आकाशवाणी आदि से जुड़े क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई।
सूचना के घंटों बाद पहुंचे क्षेत्रीय एसडीओ राजनाथ यादव के साथ दौलतपुर के एसडीओ सुधीर श्रीवास्तव, जेई हरिश्चंद्र, लाइनमैन चतुरी, गब्बर ने जले फीडर को हटाने का काम शुरू किया। इस बीच नगरीय विद्युत वितरण खंड षष्ठम आशापुर के एक्सईएन डीके दोहरे, निर्माण इकाई के एक्सईएन राजेश कुमार और जेई एके सिंह आदि भी पहुंच गए। वैकल्पिक व्यवस्था कर दोपहर करीब 12:30 बजे आपूर्ति शुरू हुई। उधर, बिजली और पानी न मिलने पर लोग उपकेंद्र जा पहुंचे और नाराजगी जताई।
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