बिजली-पानी की सप्लाई और सफाई व्यवस्था पर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद जहां जनचौपाल लगा कर सख्त रुख अख्तियार कर इन समस्याओं को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं मंगलवार को नई पाइप लाइन को अब तक ओवरहेड टैंक से न जोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम में धरना दिया। इसी दौरान लल्लापुरा इलाके में बीते छह महीने से दूषित पेयजल की आपूर्ति से परेशान लोगों ने गुलाब बाग त्रिमुहानी पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
उधर, ट्रांसफार्मर जलने से ककरमत्ता में सोमवार की देर रात गुल हुई बिजली के 18 घंटे तक बहाल न होने से क्षेत्रीय लोग पानी के लिए तरस गए। हालांकि सुड़िया स्थित सरस्वती इंटर कॉलेज में आयोजित जनचौपाल में सफाई में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने पांच सफाई कर्मियों को निलंबित कर दिया। जन चौपाल में बिजली-पानी और सीवर से जुड़ी शिकायतें अधिक आईं।
डीएम ने सफाई की बदहाली पर संबंधितों को कड़ी हिदायत दी। कहा कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो सभी कूड़ा गाड़ियों में जीपीएस लगवा दूंगा। फिर पता चल जाएगा कि कौन गाड़ी कहां पर है। जनचौपाल में डीएम से फरियाद लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। किसी ने सफाई और सीवर की बदहाली की गुहार लगाई तो किसी ने बिजली-पानी की।
कूड़ा निस्तारण के बाबत डीएम ने जनता से पूछा तो पता चला कि क्षेत्र में कूड़ा नियमित नहीं उठता है। इससे खफा डीएम ने जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार की ताकीद संबंधितों को दी। पेयजल की समस्या पर डीएम ने जलकल के अधिकारियों से नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले शुल्क के बारे में पूछा। अधिकारी इसे प्रतिशत में बताने लगे तो डीएम ने हिदायत दी कि क्षेत्र में फ्लैक्स बोर्ड लगाएं और उन पर नए कनेक्शन के शुल्क दर्ज करें। क्षेत्र के संदीप कुमार ने सीवर की समस्या उठाई। इसके बारे में जब डीएम ने पूछा तो पता चला कि बरसात में जलभराव की भी समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इस पर डीएम ने चेताया कि बारिश से पहले सीवर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी संबंधित अधिकारी जेल जाएंगे। बिजली की समस्या दूर कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लोग गलियों में अपने घरों के पास ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं, इस पर डीएम ने पुलिस को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
पेयजल संकट पर कांग्रेस पार्षदों ने दिया धरना
कांग्रेस के पार्षदों ने मंगलवार को पेयजल के मुद्दे पर महापौर, जलकल और नगर निगम के अधिकारियों के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को घेरा। कहा कि शहर की एक बड़ी आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है और शहरवासियों को विकास का सब्जबाग दिखाया जा रहा है।
नगर निगम परिसर में कांग्रेस पार्षदों ने मंगलवार को पेयजल के मुद्दे पर धरना दिया और सभा कर नगर निगम के कामकाज की पोल खोली। कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर पूरे शहर में पानी की भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई, मगर आज तक उसे ओवरहेड टैंक से नहीं जोड़ा गया। नतीजतन, पानी की किल्लत है। पुरानी पाइप लाइन में कई जगह से रिसाव हो रहा है।
धरना का नेतृत्व छावनी क्षेत्र के पार्षद शैलेंद्र सिंह ने किया। इसमें कांग्रेस पार्षद रमजान अली, असलम खान, डॉ. अख्तर अली, रामकेश यादव, गोविंद शर्मा, दिलीप यादव तथा भगवान सिंह, अजय सिंह, राकेश श्रीवास्तव, शुभम राय, दिनेश सिंह बब्बू, अफसर खान, मुन्ना निगम, इंद्रजीत सिंह, मुकेश झां, पवन सिंह, पंकज सिंह, वैभव त्रिपाठी, रवि तिवारी, राकेश तिवारी, किशन, विनीत कुमार गुप्ता, मंगलेश सिंह, सचिन त्रिपाठी आदि शामिल थे।
उधर, लल्लापुरा इलाके में बीते छह महीने से दूषित पेयजल की आपूर्ति से आजिज क्षेत्रीय लोगों ने पार्षद प्रिंस राय खगोलन के नेतृत्व में सिगरा स्थित गुलाब बाग त्रिमुहानी पर सड़क जाम पर जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान त्रिमुहानी पर जाम लग गया। मौके पर पहुंचे एसीएस तृतीय ने लोगों को आश्वस्त किया कि एक हफ्ते में पानी की जर्जर पाइप लाइन को दुरुस्त करा दिया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष हरीश मिश्रा ने कहा कि छह महीने से इलाके के तीन हजार से अधिक लोग पानी की किल्लत झेल रहे हैं। यदि सप्ताह भर में पानी की पाइप लाइन दुरुस्त नहीं होती है तो क्षेत्र के लोग डीएम कार्यालय पर जाकर पानी की भीख मांगेंगे।