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निकाय चुनावः इधर मतदान उधर सोशल मीडिया पर होता रहा चुनाव प्रचार

Sun, 26 Nov 2017 11:30 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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कहीं आधे घंटे तो कहीं एक घंटे रुका रहा मतदान - फोटो : अमर उजाला
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 प्रशासन की सख्ती के बावजूद रविवार को मतदान के दिन भी सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाईं गईं। मतदान खत्म होने तक प्रत्याशियों के समर्थक व्हाट्स एप ग्रुप सहित अन्य माध्यमों से प्रचार करते रहे। इस दौरान चुनाव प्रचार संबंधी कॉल और एसएमएस पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर भी आए लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
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नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार की शाम पांच बजे से प्रशासन ने प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था मगर सोशल मीडिया पर इसका तनिक भी असर नहीं दिखा। प्रत्याशियों के समर्थक व्हाट्स एप और फेसबुक मैसेंजर की मदद से अपने पक्ष में माहौल बनाते नजर आए।

इस दौरान बल्क मैसेज भी भेजे गए और कॉल कर वोट डालने की अपील की गई। साथ ही कई प्रत्याशियों के समर्थक अपनी जीत के दावे भी करते देखे गए।  
 

ईवीएम में खराबी में मतदान हुआ प्रभावित

कहीं आधे घंटे तो कहीं एक घंटे रुका रहा मतदान - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम चुनाव में ईवीएम खराब होने से कई मतदान केंद्रों पर मतदान प्रभावित रहा। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम योगेश्वर राम मिश्र से इसकी शिकायत की गई। बजरडीहा के जक्खा में बने पोलिंग बूथ पर कुछ मिनट के लिए ईवीएम में खराबी से मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। जोल्हा के वार्ड नंबर 25 का एक ईवीएम 30 मिनट खराब होने से मतदाताओं में नाराजगी दिखी।

इंदिरानगर मतदान केंद्र पर बूथ संख्या 170 और 173 का ईवीएम खराब होने से सवा आठ बजे मतदान शुरू हुआ। लाला लाजपत राय स्कूल सुंदर बगिया में तीन बजे ईवीएम खराब हो गई। तीन बजकर 45 मिनट पर दूसरी ईवीएम लाई गई तब मतदान शुरू हुआ। संजय गांधी नगर कालोनी में धर्मदेव विद्यापीठ कन्या इंटर कालेज में सुबह मतदान शुरू होने के कुछ देर बाद बूथ संख्या 270 का ईवीएम खराब हो गई। इससे वहां करीब डेढ़ घंटे तक मतदान प्रक्रिया बाधित रही। प्राथमिक विद्यालय मच्छोदरी के बूथ संख्या 596 पर मतदान शुरू होने के साथ ही ईवीएम बंद हो गया।

नर को बुलाकर करीब आठ बजे ईवीएम सही कराया गया, लेकिन दस बजे फिर से ईवीएम बंद हो गई। तब तक 96 वोट पड़ चुके थे। किसी प्रकार फिर से ईवीएम चालू कर मतदान शुरू कराया गया। आदमपुर जोन के वार्ड नंबर 43 कोनिया में भी ईवीएम बंद होने से लोग परेशान रहे।

कोनिया के ही प्राथमिक विद्यालय (कोनिया) बूथ संख्या 517 पर 389 मत पड़ने के बाद ईवीएम बंद हो गई। मशीन खराब होने से दोपहर 12:45 से लगभग दो बजे तक मतदान प्रक्रिया बाधित रही। सूचना पाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे।

बूथों पर नहीं दिखी दिव्यांगों के लिए कोई व्यवस्था

राजू दोनों पैर से अपाहिज - फोटो : अमर उजाला
 डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने शनिवार को मातहतों को निर्देशित किया था कि हर बूथ पर वोट देने आने वाले दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर, बैसाखी समेत अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, लेकिन वोटिंग शुरू होने के साथ ही इन सारी सुविधाओं का टोटा करीब सभी बूथों पर नजर आया। प्राथमिक विद्यालय कोनिया सट्टी बूथ पर वोट देने आए पंचायती कुंआ (वार्ड नंबर 8) निवासी राजू दोनों पैर से अपाहिज हैं।

मतदान स्थल पर किसी प्रकार पहुंच तो गए, लेकिन रैंप पर चलने के लिए ना तो उन्हें व्हील चेयर मिली और ना ही किसी सुरक्षाकर्मी ने उनकी मदद की। हादसे में अपना दोनों पैर गंवा बैठे राजू ने हिम्मत नहीं हारी और अपने मत का प्रयोग कर मुस्कुराते हुए लौट गए।

इसी प्रकार पीलीकोठी निवासी 71 वर्षीय रहमान भी ठेले पर लेट कर पीलीकोठी स्थित प्राथमिक विद्यालय स्ट्रीट फील्ड रोड बूथ पर पहुंचे और परिवार के सहयोग से मतदान कर वापस ठेले पर लेट कर चले गए। दुल्ली गड़ही निवासी सगीरुन्निसा (64) चलने में असमर्थ हैं।

अपनी बेटी के साथ मतदान स्थल तक तो पहुंच गईं लेकिन अंदर जाने के लिए उन्हें व्हील चेयर नहीं मिला। जैसे-तैसे सगीरुन्निसा ने भी मतदान किया। बूथ पर मौजूद पीठाधीश अधिकारी से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर नहीं दिया गया है। 
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केंद्रीय चुनाव कार्यालय से होती रही मानीटरिंग 

मतदान के लिए कतार में खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
 निकाय चुनाव की मानीटरिंग के लिए भाजपा ने सिगरा स्थित भारत माता मंदिर के सामने केंद्रीय चुनाव कार्यालय बनाया था। यहीं से पूरे जिले के मतदान की मानीटरिंग होती थी। निकाय चुनाव प्रभारी व प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई और महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि यहीं से पदाधिकारियों से एक-एक बूथ का हाल पता कर रहे थे। 

निकाय चुनाव प्रभारी मतदान के समय जहां से दिक्कतें और गड़बड़ी की सूचनाएं आ रही थीं, वहां के पदाधिकारियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी को भी जानकारी देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करा रहे थे। सुबह से शाम तक विधानसभा वार पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जा रहा था।

इसी आधार पर पार्टी अपनी रणनीति तैयार कर रही थी। कहीं बिजली तो कहीं मतदान धीरे होने और कुछ जगहों से हल्की झड़प की सूचनाएं पार्टी कार्यकर्ताओं को मिली। कार्यकर्ता अपने पार्टी प्रत्याशियों को अधिक से अधिक वोट दिलाने में लगे रहे। हालांकि मतदान प्रतिशत कम होने से पदाधिकारी मायूस दिखे।
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