वाराणसी साइबर ठगी: बुजुर्गों की बात की विशेष सीरीज में हम आज तीसरी कहानी ला रहे हैं। वाराणसी में दो साल में बुजुर्गों से 12 करोड़ की ठगी की गई है। रिटायर्ड नौसेना के अधिकारी, प्रोफेसर, डॉक्टर, शिक्षिका को ठगों ने निशाना बनाया। डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने और मोबाइल हैक करने के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं।
बुजुर्गों की बात की विशेष सीरीज में हम आज तीसरी कहानी ला रहे हैं। साइबर ठगों ने दो साल में डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग और मोबाइल फोन हैक करके बुजुर्गों से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी की है। ठगों के निशाने पर रिटायर्ड नौसेना के अधिकारी, प्रोफेसर, डॉक्टर, शिक्षिका और व्यापारी रहे हैं।
विज्ञापन
किसी को सीबीआई तो किसी को बैंक अधिकारी बनकर डराया गया। रिश्तेदार बनकर भरोसे में लिया गया। पुलिस अधिकारी बनकर धमकाया गया। सितंबर 2024 से 2026 के बीच सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
नौ मामलों में एटीएम केबिन के अंदर हुई ठगी
दो साल में 14 ऐसे में मामले सामने आए जिनमें 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ 16 लाख रुपये की ठगी की गई। 9 मामलों में ठगी एटीएम केबिन के अंदर हुई है। पांच मामलों में बैंक से रुपये निकाले गए लेकिन जालसाजों ने बुजुर्गों को रास्ते में निशाना बनाया।
विज्ञापन
केस-1
सिगरा क्षेत्र की रिटायर्ड से शिक्षिका से 3.55 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई। शिक्षिका को बड़े घोटाले में फंसाने की धमकी दी गई। साथ ही गिरफ्तारी से बचने और जांच के नाम पर धनराशि आरटीजीएस कराई गई। मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
केस-2
सारनाथ क्षेत्र के रिटायर्ड नौसेना अधिकारी को 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। साथ ही 98 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। मामले में अंतरराज्यीय गिरोह भूमिका सामने आई थी।
केस-3
लालपुर-पांडेयपुर क्षेत्र में 67 साल की महिला को डिजिटल अरेस्ट करके 32.40 लाख रुपये की ठगी की गई। जालसाजों ने गिरफ्तारी का डर दिखाया और बैंक खाते में धनराशि आरटीजीएस कराई। ठगी का अहसास हुआ तो महिला ने साइबर पुलिस संपर्क किया।
केस-4
रोहनिया क्षेत्र के बुजुर्ग महेश प्रसाद को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी गई और छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। महेश प्रसाद से 1.10 करोड़ रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए।
केस-5
कोतवाली क्षेत्र की महिला को डिजिटल अरेस्ट करके 81 लाख रुपये की ठगी की गई। महिला को धोखाधड़ी के बड़े मामले में फंसाने की धमकी दी गई फिर गिरफ्तार करके जेल भेजने को कहा गया।
ये करें बुजुर्ग
- साइबर ठगी के एक से दो घंटे के अंदर शिकायत, रिकवरी की उम्मीद ज्यादा रहती है।
- 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
पूर्वांचल की अदालतों में बुजुर्गों के 1.15 लाख मुकदमे लंबित, वाराणसी में 9,313 मामले, जौनपुर में सबसे ज्यादा
उम्र के जिस पड़ाव पर सहारे की जरूरत होती है, उस समय पूर्वांचल के 10 जिलों में 1,15,441 वरिष्ठ नागरिक विभिन्न अदालतों में अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 22,109 मामले जौनपुर में लंबित हैं। आजमगढ़ में 20,985 मामले लंबित हैं। बलिया में 11,476, गाजीपुर में 11,935, मऊ में 10,015, वाराणसी में 9,313, भदोही में 7,608, मिर्जापुर में 4,739, चंदौली में 4,310 मामले लंबित हैं। सोनभद्र में सबसे कम 2,951 मामले लंबित हैं।
खास बात यह है कि 10 जिलों में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े लंबित मामलों में सिविल मुकदमों की संख्या 95,738 (82.93%) हैं। आपराधिक (क्रिमिनल) मुकदमों की संख्या 19,703 (17.07%) है।
साइबर जालसाजों की निगाह रिटायर्ड लोगों पर ज्यादा होती है। ठग सीबीआई, ईडी, पुलिस और टेलीकॉम अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य हथकंडे अपनाते हैं। ठगी करते हैं। पुलिस यह बार-बार स्पष्ट कर चुकी है। बता चुकी है कि ऑनलाइन या वीडियो पर किसी तरह की कोई भी एजेंसी पूछताछ नहीं करती है। संदेह होने पर तुरंत अपने नजदीकी थाने पर शिकायत दर्ज कराएं। - नृपेंद्र कुमार, एडीसीपी साइबर क्राइम