महिला अपराध और पशु तस्करी जैसे मामलों में पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस आयुक्त ने पिछले 12 महीनों में छह बार बैठक कर थानों को स्पष्ट निर्देश दिए, लेकिन कुछ थानों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और लगातार लापरवाही बरती। प्रकरण सामने आने के बाद दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को हटाया या निलंबित किया गया।
260 दिनों के अंदर हुई कार्रवाई और तबादला
- रंगभरी एकादशी पर महिला पत्रकार से हुए दुर्व्यवहार पर एसीपी और बटुक से मारपीट के आरोप में कांस्टेबल हटे।
- चौबेपुर में महिला से दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज अनिल कुमार निलंबित हुए, थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार लाइन हाजिर हुए।
- फायरिंग के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर चांदपुर चौकी प्रभारी अंकुर कुशवाहा को निलंबित किया गया।
- बीते साल 21 जून को अपराध रोकने में विफल रहे थाना प्रभारी जगदीश कुशवाहा को लाइन हाजिर किया गया।
- 11 जुलाई को छितौना कांड को लेकर चौबेपुर थाना प्रभारी रविकांत मलिक को लाइन हाजिर किया गया।
- पशु तस्करी जैसे मामले को रोकने में विफल रहे अजीत कुमार वर्मा को लाइन हाजिर किया गया, हालांकि वर्तमान में शिवपुर थाने का प्रभार उनके पास है।
- युवती से दुष्कर्म के प्रकरण में अधिकारियों को सही फीडबैक नहीं देने के मामले में चौबेपुर थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया, साथ ही चौकी प्रभारी अनिल कुमार को निलंबित किया गया।
क्या बोले अधिकारी
महिला अपराध के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर महिला अपराध से जुड़े मामलों में ढिलाई पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त