वाराणसी जिले में पिछले दो दिनों में पांच ब्लॉकों के छह केंद्रों पर आठ किसानों से 212.71 क्विंटल धान खरीद हुई। पहली बार किसानों से अंगूठा लगाने के बजाय आंखों से सत्यापन कर धान की खरीद हुई। अभी भी 29 केंद्रों पर बोहनी नहीं हुई है। मौसम ठीक होने से धान खरीद में अगले एक सप्ताह में तेजी आने के आसार है।
शासन के निर्देश पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू हो गई थी। जिले में 35 केंद्र खुल गए थे लेकिन खरीद पांच दिन बाद बृहस्पतिवार से शुरू हुई। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी सुनील भारती ने बताया कि शुक्रवार बड़ागांव केंद्र पर किसान संतोष सिंह ने 40 क्विंटल, सेवापुरी केंद्र में किसान ओंकारनाथ सिंह ने 39.20 क्विंटल, चिरईगांव केंद्र पर दो किसानों ने 30.80 क्विंटल, चोलापुर केंद्र पर किसान बलदऊ यादव ने 16.40 क्विंटल धान की बिक्री की।
बृहस्पतिवार को बड़ागांव के केंद्र पर किसान फिरोज ने 20 क्विंटल, सेवापुरी के किसान दीनानाथ पटेल ने 28.8 क्विंटल और जक्खिनी पर एक किसान ने 38 क्विंटल धान की बिक्री की।
उन्होंने बताया कि जिले में 28 फरवरी तक खरीद होगी। इस बार एमएसपी दर सामान्य धान 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ए ग्रेड धान 2389 रुपये प्रति क्विंटल है। साथ मड़ाई और ढुलाई के लिए प्रति क्विंटल 20 रुपये दिए जाएंगे। खरीद का लक्ष्य 38 हजार मीट्रिक टन है। क्रय केंद्र पर ई-पॉप मशीन से खरीद हो रही है। खरीद के बाद खाते में 48 घंटे में पीएफएमएस से पैसे जा रहे हैं।
ये हुए हैं बदलाव
किसानों के अंगूठे की जगह अब आंखों से सत्यापन, एक गाटा के सभी किसानों का पंजीकरण, क्रय केंद्र से राइस मिलों तक धान ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस से निगरानी, किसान पंजीयन का सत्यापन अब लेखपाल की आईडी से भी होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे से अब खरीद पोर्टल भी जुड़ गया है।