सर नमस्ते, मेरा नाम शबाना है और मुझे आपकी थोड़ी सी हेल्प की जरूरत है। सर सबसे बड़ा त्यौहार ईद है। सब लोग नए कपड़े पहनेंगे। लेकिन मेरे माता पिता का इंतकाल हो गया है जिससे हम परेशानी में है। उनका 2004 में इंतकाल हो चुका है। मेरे घर में मैं और मेरी नानी और छोटा भाई हैं सर।
ये मैसेज मंडुवाडीह के शिवदासपुर की रहने वाली शबाना ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र को रविवार की दोपहर में किया। मैसेज पढ़ने के बाद डीएम ने एसडीएम सदर सुशील कुमार गौड़ को अपने आवास पर बुलाया और शबाना और परिवार के लिए नए कपड़े, सेवई और मिठाइयां खरीदने को कहा।
शबाना ने जिस मोबाइल नंबर से डीएम को मैसेज किया था, उस मोबाइल नंबर से शबाना के घर का लोकेशन लेकर मंडुवाडीह पुलिस के साथ एसडीएम उसके घर पहुंचे। शबाना के लिए सलवार सूट उसकी नानी के लिए साड़ी एवं उसके छोटे भाई के लिए जींस और टीशर्ट और मिठाईयां दीं।
यह देख शबाना के खुशी का ठिकाना ना रहा। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिलाधिकारी को मोबाइल मेसेज से अपनी व्यथा सुनाने के क्षण भर में ही उसकी समस्याओं को सुलझाने के लिए जिलाधिकारी के हाथ उसके सामने होंगे।
शबाना की आंखों से खुशियों के आंसू निकल पड़े और वह उप जिलाधिकारी सुशील कुमार गौड़ से जिलाधिकारी की भेजी हुई ईदी पाकर उन्हें धन्यवाद कहने लगी।
अधिकारियों को शबाना के घर अचानक पहुंचते ही आसपास के लोगों में भी एकाएक हलचल मचा और लोग शबाना के घर के पास इकट्ठा होने लगे, लेकिन जैसे ही लोगों ने जाना की जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने शबाना के मोबाइल मेसेज पर उसे ईदी अधिकारियों के हाथों भेजी है। लोगों ने भी जिलाधिकारी के इस मानवीय पक्ष पर उन्हें बधाइयां दीं।